शहर के वार्ड 10 पारलीवंड का मामला, घटनास्थल पर पहुंची पुलिस टीम, दोनों को पहुंचाया जीएमसी कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर के वार्ड 10 पारलीवंड में दो सगे भाई घर के कमरे में खून से लथपथ मिले। सूचना मिलने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों को जीएमसी कठुआ में भर्ती करवाया। इसमें एक को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया जबकि एक का इलाज जारी है। पुलिस ने परिवार के सदस्यों के साथ-साथ किरायेदार और आसपास के लोगों से पूछताछ की।
मामला बुधवार शाम साढ़े पांच बजे का है। पारलीवंड इलाके के एक मोहल्ले में महिला के चीखने की आवाज सुनाई दी। महिला ने बताया कि उसके घर में दोनों बेटे लहुलूहान पड़े हुए हैं। सूचना मिलते ही सिटी थाना प्रभारी और डीएसपी मुख्यालय टीम सहित मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों को जीएमसी कठुआ भर्ती करवाया। डॉक्टरों ने एक को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान नकुल सिंह (18) के रूप में हुई है जबकि बुरी तरह से घायल निखिल (16) का जीएमसी में इलाज चल रहा है।
महिला ज्योति देवी ने बताया कि नकुल 11वीं में दो सब्जेक्ट में फेल होने के बाद घर पर ही रहता था जबकि निखिल दोपहर बाद स्कूल से लौटा था। वह दसवीं कक्षा पास कर 11वीं कक्षा में गया था। पति की चार साल पहले मौत हो गई थी और वह आरटीआईसी विभाग में नौकरी करती है। उसने बताया कि वह घर में नकुल को कॉल कर खाना खाने की जानकारी लेती थी। बुधवार को सुबह कॉल कर रही थी जिसमें पहले उसका फोन व्यस्त और उसके बाद स्विच ऑफ हो गया। इसके बाद वह चिंतित थी। उसने बताया कि शाम को घर पर पहुंची तो मुख्य गेट का एक हिस्सा खुला हुआ था। कमरे का दरवाजा खुला था और कमरे में एक बच्चा बेड के ऊपर और दूसरा नीचे खून से लथपथ पड़े थे। उन्होंने बताया कि पास में ही एक बैट भी पड़ा था। ज्योति ने बताया कि छोटे बच्चे के पांव को हिलाने का प्रयास किया लेकिन बड़ा वाला बेहोश था और उसका चेहरा तक पहचानना मुश्किल था।
चेहरे तक पहचान में नहीं आ रहे थे, मां बोली जान से प्यारा था मेरा बच्चा
नकुल और निखिल को बेरहमी से हत्या के इरादे से पीटा गया था। नकुल के चेहरे पर गहरे घाव थे। मां ने बताया कि उसकी आंखें तक बाहर आ चुकी थीं और चेहरा भी पहचान में नहीं आ रहा था। निखिल को भी गहरे घाव से हत्या के इरादे से मारा गया था। दोनों किशारों की मां ज्योति देवी ने बताया कि उसे अपने बच्चे जान से भी प्यारे थे। उसने विलाप करते हुए कहा कि उसने किसी का क्या बिगाड़ा था कि पहले उसके पति चले गए और अब बच्चों के साथ ऐसा किया गया है। महिला ने बताया कि बच्चों को बेहोश देखने के बाद उसने आसपास के लोगों से भी मदद मांगी लेकिन कोई भी भीतर नहीं आया।
कोट
पुलिस हर पहलू में जांच कर रही है। नशे से जुड़े एंगल से लेकर परिवार के व्यवहार और अन्य सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। लगातार लोगों से भी पूछताछ की गई है। फिलहाल जांच अभी प्रारंभिक स्तर पर है और जल्द ही पुलिस मामले के नतीजे तक पहुंच जाएगी।
मोहिता शर्मा, एसएसपी कठुआ