चौंरी शिव मंदिर, जोडेयां माता मंदिर, दौला माता मंदिर, ढग्गर का ज्वाला माता मंदिर, कलेड नाग मंदिर सदरोता, गढ़ माता मंदिर और गुट्टू नाग देवता मंदिर सूची में
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। बनी अब जल्द धार्मिक पर्यटन नगरी बनने जा रहा है। यहां के सात ऐतिहासिक मंदिरों में बुनियादी सुविधाओं से लेकर मरम्मत और विकास कार्य होने जा रहा है। इसकी डीपीआर बनाने की प्रक्रिया अलगे सप्ताह पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
चौंरी शिव मंदिर, जोडेयां माता मंदिर, दौला माता मंदिर, ढग्गर का ज्वाला माता मंदिर, चौंरी शिव मंदिर, कलेड नाग मंदिर सदरोता, गढ़ माता मंदिर और गुट्टू नाग देवता मंदिर को सूची में रखा गया है। ये मंदिर धार्मिक आस्था के साथ‑साथ स्थानीय संस्कृति और परंपरा के भी प्रतीक हैं। चौंरी शिव मंदिर का निर्माण पिछले दो साल से जारी है। दौला माता मंदिर तक भी सड़क पहुंच चुकी है। जोडेयां और दौला माता मंदिर में हर साल नवरात्र में भक्त उमड़ते हैं। ढग्गर का ज्वाला माता मंदिर और डंडी गुट्टू में नाग देवता के मंदिर भी प्राचीन हैं।
प्रत्येक मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 50 लाख रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इसका उपयोग मंदिरों की संरचना को मजबूत करने, परिसर का सौंदर्यीकरण करने, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने और पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए किया जाएगा। जीर्णोद्धार के बाद इन स्थलों पर धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है। गढ़ माता मंदिर जम्मू कश्मीर और हिमाचल की सीमा पर भंडार में स्थित है। यहां दोनों राज्यों की कमेटियां मिलकर वार्षिक मेले का आयोजन करती हैं। इन पौराणिक महत्व के मंदिरों का यहां की लोक संस्कृति और परंपराओं के साथ लोगों की भावनाओं के साथ ही अहम जुड़ाव है।
कोट
सरकार से बनी सब डिवीजन के जोडेयां, दौला, चौंरी शिव मंदिर, गुट्टू नाग मंदिर, ज्वाला माता मंदिर, कलेड नाग मंदिर सदरोता और गढ़ माता मंदिर के विकास के लिए 50-50 लाख रुपये की मांग की गई थी। जिला प्रशासन को इन मंदिरों की जरूरतों और विकास के लिए डीपीआर बनाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। यह डीपीआर अगले सप्ताह तैयार होने के आसार हैं। जल्द ही इन मंदिरों के जीर्णोद्धार के साथ यह क्षेत्र धार्मिक पर्यटन का भी केंद्र बनेगा।
-डॉ. रामेश्वर सिंह, विधायक, बनी
दौला माता मंदिर
दौला माता मंदिर
दौला माता मंदिर