वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत कठुआ में छह सीमा गांवों की कार्ययोजनाओं की समीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। उपायुक्त राजेश शर्मा ने डीसी ऑफिस कॉम्प्लेक्स के कॉन्फ्रेंस हॉल में बैठक की अध्यक्षता करते हुए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-चरण दो के तहत चिह्नित छह सीमा गांवों की विलेज एक्शन प्लान की समीक्षा की। बैठक की शुरुआत में विभागवार प्रगति और प्रारूपित कार्ययोजनाओं की जानकारी दी गई जिनका उद्देश्य लाभार्थी-उन्मुख और बुनियादी ढांचा योजनाओं का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करना है।
उपायुक्त ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाली केंद्र प्रायोजित योजनाओं का 100 प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विभागों के बीच कन्वर्जेंस पर बल दिया ताकि संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग हो और प्रयासों की पुनरावृत्ति से बचा जा सके।
डीसी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपनी प्रारूपित कार्ययोजनाओं को व्यावहारिक, परिणामोन्मुख और जमीनी हकीकतों के अनुरूप बनाएं। उन्होंने कहा कि योजनाएं जरूरत-आधारित, समयबद्ध और परिणाम-संचालित होनी चाहिए, जिनका सीधा असर बुनियादी ढांचे, आजीविका और मूलभूत सेवाओं पर दिखे। उन्होंने विभागों से मैदानी स्तर पर सत्यापन करने, कमियों की पहचान करने और सभी फ्लैगशिप योजनाओं की लास्ट-माइल डिलीवरी सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही नियमित मॉनिटरिंग और अंतर-विभागीय समन्वय पर जोर दिया।
गौरतलब है कि सीमा गांव बोबिया, कडियाला, गजनाल, करोल कृष्णा, रठुआ और गुज्जर चक को वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत चिन्हित किया गया है ताकि वहां के निवासियों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके और विकासात्मक बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा सके। बैठक में जीएम डीआईसी, पीओ आईसीडीएस, सीपीओ रंजीत ठाकुर, एसडीएम हीरानगर फुलैल सिंह, एसीडी अखिल सदोत्रा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।