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Kathua News: बाॅर्डर से सरथल तक 19 गांव तंबाकू मुक्त

Sun, 29 Mar 2026 02:08 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
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तंबाकू मुक्त गांव में लगाने के लिए बीडीओ मुख्यालय को साइन बोर्ड सौंपते डीसी कठुआ जागरूक प
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जिले को स्वस्थ व नशामुक्त बनाने की दिशा में प्रशासन ने उठाया कदम, चेतावनी व स्वागत के लगेंगे बोर्डसंवाद न्यूज एजेंसी
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कठुआ। कठुआ जिले के तंबाकू मुक्त गांव में आपका स्वागत है... गौरव के साथ लिखे ये शब्द अब आपको जिले के गांवों में प्रवेश करते ही दिखाई देंगे। इन गांवों में सभी प्रकार के तंबाकू उत्पादों के इस्तेमाल, बिक्री, भंडारण, वितरण और प्रचार पर कड़ाई से प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन जल्द ही इन गांवों की सीमाओं पर चेतावनी और स्वागत बोर्ड लगाने जा रहा है ताकि इस नियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
अंतरराष्ट्रीय सीमा से लेकर पर्यटन स्थल सरथल तक कठुआ जिले को स्वस्थ और नशामुक्त बनाने की दिशा में प्रशासन ने अहम कदम उठाया है। इसके तहत गांवों को तंबाकू मुक्त क्षेत्र घोषित करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। अभियान के पहले चरण में 19 गांव चिह्नित किए गए हैं। इन गांवों में सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (सीओटीपीए) के तहत तंबाकू उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। इन गांवों का चयन ब्लॉक विकास अधिकारियों ने किया है। अब स्वास्थ्य विभाग इन गांवों में चेतावनी बोर्ड लगाने जा रहा है।
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ये गांव चिह्नित किए
अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास हीरानगर ब्लॉक का जंगी चक, बनी का सरथल, मढ़ीन का चंगी, डुग्गैन का फलाल, डुग्गन का मधोटा, बरनोटी का करंडी कलां, डिंगा अंब का सल्लन, कीड़ियां गंडयाल का कसोरी, नगरी का तरफ सांझी, मांडली का कोमला, बसोहली का मंडला, बिलावर का बाथरी, लोहाई मल्हार का मच्छेड़ी, कठुआ का चक नानक, नगरोटा गुजरू का कोहनू, महानपुर का चनेरा, धार महानपुर का घोडल, बग्गन का धार डुगनू और शीतलनगर भूंड का दन्ना शामिल हैं।
जनभागीदारी और सामूहिक संकल्प से बनेगा सुरक्षित माहाैल
जिला प्रशासन ने इन गांव में प्रवर्तन और विभागीय जिम्मेदारियों को लेकर भी तैयारियां की हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय रैना ने बताया कि ब्लॉक विकास अधिकारियों की ओर से 19 गांवों को तंबाकू मुक्त चिह्नित किया गया है। उन्होंने कहा कि सिर्फ घोषित करने से ही नहीं बल्कि सरकारी प्रयासों के साथ जनभागीदारी और सामूहिक संकल्प ही इस अभियान को सफल बनाकर ग्रामीण इलाकों में सुरक्षित माहौल तैयार करेगा।


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तंबाकू मुक्त भविष्य के लिए डीसी ने दिए सख्त निर्देश
एनटीसीपी के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन


संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिला प्रशासन कठुआ ने जिले को तंबाकू के जहर से बचाने और आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ भविष्य देने के लिए अपनी कमर कस ली है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के तहत जिला सचिवालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला और जिला स्तरीय समन्वय समिति (डीएलसीसी) की समीक्षा बैठक हुई। इसमें डीसी राजेश शर्मा ने जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में तंबाकू नियंत्रण कानूनों को सख्ती से लागू करने का रोडमैप तैयार किया।
कार्यशाला की शुरुआत करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. विजय रैना ने कहा कि सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (सीओटीपीए) 2003 की सफलता के लिए सभी विभागों के बीच मजबूत समन्वय अनिवार्य है। उन्होंने कार्यशाला के उद्देश्यों को साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल नियमों की घोषणा काफी नहीं है बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर उतारने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
कार्यशाला के तकनीकी सत्र में एनटीसीपी की डिवीजनल कोऑर्डिनेटर श्वेता रैना ने एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दी। इसमें उन्होंने अधिकारियों को बताया कि जमीनी स्तर पर निगरानी तंत्र को कैसे मजबूत किया जाए। इस महत्वपूर्ण बैठक में अतिरिक्त जिला उपायुक्त विश्वजीत सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल चाढ़क, आरटीओ सुरिंदर शर्मा और विभिन्न विभागों के अन्य आला अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कठुआ को तंबाकू मुक्त जिला बनाने का संकल्प लिया।
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चर्चा के मुख्य बिंदु ये रहे
सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान रोकने के लिए सख्त निगरानी।

शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध।

तंबाकू छोड़ने के इच्छुक लोगों के लिए परामर्श और उपचार सेवाओं का विस्तार।

डीसी के सख्त निर्देश

उपायुक्त राजेश शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित निरीक्षण करें और सार्वजनिक स्थलों पर तंबाकू का सेवन करने या बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों के पास जागरूकता अभियान तेज किए जाएं ताकि युवाओं को इस लत से बचाया जा सके।
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