संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। वन विभाग ने सांबा वन प्रभाग के सहयोग से बलोड़ नर्सरी में पंजफूली, लैंटाना उन्मूलन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट्स (ईस्ट सर्कल) प्रदीपचंद्र वाहुले ने फील्ड स्टाफ को वैज्ञानिक तकनीकों से रूबरू करवाया।
प्रशिक्षण की शुरुआत लैंटाना कैमरा की पहचान, फैलाव पैटर्न और पारिस्थितिक विशेषताओं पर व्याख्यान से हुई। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कट रूटस्टॉक विधि रहा जिसमें पौधे की जड़ को जमीन के नीचे से काटकर टैप रूट को अलग किया जाता है ताकि फिर से वृद्धि न हो सके। हटाए गए पौधों को उल्टा रखकर सुखाया जाता है जिससे दोबारा अंकुरण न हो।
साथ ही हटाए गए क्षेत्रों में घास, बांस और अन्य देशी प्रजातियों का रोपण कर पुनर्स्थापन पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, फील्ड डेमोंस्ट्रेशन, हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग और सत्र आयोजित किए गए जिनमें फील्ड स्तर की चुनौतियों पर चर्चा और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा किया गया।
वन विभाग ने इस अवसर पर आक्रामक प्रजातियों के प्रभावी प्रबंधन और वन पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर क्षमता निर्माण की प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम की निगरानी डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर कठुआ अंकित सिन्हा ने की जबकि ऑफिसर ट्रेनी अनुषा कोल्ली उपस्थित रहीं।