संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। हीरानगर के पट्टा रसाना क्षेत्र में महज पांच दिनों के भीतर खैर की लकड़ी की दूसरी चोरी की घटना सामने आने से ग्रामीणों में रोष है। लगातार हो रही वारदातों ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर है जिसका फायदा उठाकर खैर तस्कर बेखौफ होकर चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
गांव निवासी रमेश चंद्र शर्मा ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी जमीन से लगातार खैर के पेड़ों की कटाई की जा रही है लेकिन इसे रोकने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।
रमेश चंद्र शर्मा का कहना है कि यदि प्रशासन सख्ती से काम करे तो खैर की तस्करी पर आसानी से रोक लगाई जा सकती है। वर्तमान स्थिति में तस्करों के हौसले बुलंद हैं और चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही। इस संबंध में कई बार शिकायत दर्ज करवाई गई है लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने प्रशासन और पुलिस से कड़ा रुख अपनाने की मांग करते हुए कहा कि जब पशु तस्करी पर कार्रवाई संभव है तो खैर की तस्करी पर नियंत्रण क्यों नहीं किया जा रहा।