खुशियों का त्योहार बना गम की दास्तां
हाफिज कुरैशी
बनी। रमजान के पवित्र महीने में ईद की खुशियों की तैयारी कर रहे लोवांग गांव के लोग शोक में डूब गए। भद्रवाह-बनी मार्ग पर हुए एक दर्दनाक हादसे में जुल्फिकार अली और पत्नी की मौत हो गई जबकि उनके दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए।
जुल्फिकार अली पिछले आठ साल से जम्मू-कश्मीर पुलिस के अपराध अन्वेषण विभाग में सेवाएं दे रहे थे। वे अपने कर्तव्यनिष्ठ और सजग पुलिसकर्मी के रूप में जाने जाते थे। नशे और अपराध से जुड़े मामलों पर उनकी पैनी नजर रहती थी। अपने पेशेवर जीवन से परे, गांव में उनकी पहचान एक मददगार और मिलनसार इंसान की थी।
शुक्रवार सुबह जब वे अपने पैतृक गांव लौट रहे थे तभी उनका वाहन अनियंत्रित होकर नदी में जा गिरा। इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। अलविदा जुम्मा से पहले ही एक परिवार का सहारा छिन गया और ईद से पहले ही गांव में मातम का माहौल छा गया। ग्रामीणों का कहना है कि जुल्फिकार अली मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे और हमेशा लोगों की सहायता के लिए तत्पर रहते थे। रमजान के पवित्र महीने में हुई इस घटना ने सभी को गहरा सदमा पहुंचाया है। अलविदा जुमे से पहले ही एक परिवार का सहारा छिन गया और ईद से पहले ही गांव में मातम का माहौल छा गया। ग्रामीणों ने दिवंगत दंपति की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है तथा घायल बच्चों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।