शाम ढलने के बाद सुनाई देने लगती है ढोलक, तबला और हारमोनियम की धुन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलावर। 19 मार्च को शुरू होने वाले चैत्र नवरात्र पर बिलावर उपमंडल के गांवों में रामलीला मंचन के लिए तैयारियां जोरों से चल रहीं हैं। रामलीला के मंचन की तैयारियों को लेकर स्थानीय कलाकारों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। शाम ढलने के बाद ढोलक, तबला और हारमोनियम की धुन सुनाई देने लगती है।
रामलीला के मंचन को लेकर कलाकारों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। रामलीला क्लब धार डूगनु के कलाकार शमशेर चंद, अंग्रेज सिंह, हंसराज और अजय ने बताया कि रामलीला मंचन के दौरान स्थानीय कलाकारों को काम करने का और अपनी कला को दिखाने का प्लेटफार्म मिलता है। उन्होंने कहा कि रामलीला हमारे जीवन की शैली को दर्शाती है। रामलीला क्लब के सदस्यों ने बताया कि रामलीला स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुति देने का एक मंच है और इसकी तैयारियों को लेकर कलाकार दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष रामलीला के मंचन के दौरान भगवान श्री राम के जन्म से लेकर रावण के वध तक हर प्रसंग को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने के लिए कलाकार मेहनत कर रहे हैं।