संवाद न्यूज एजेंसी
बिलावर। इलाके के टिल्ला, देवल, बिलावर, किशनपुर और अन्य गांवों में आवारा मवेशी किसानों के लिए परेशानी सबब बन रहे हैं। खेतों में लगाई गई कई प्रकार की फसलों को सुरक्षित रखने के लिए किसानों को रात के समय में रखवाली करनी पड़ रही है।
किसान अनिल कुमार, मनोहर लाल, नीलम शर्मा और मोहन सिंह ने बताया कि पिछले दो सालों से बिलावर उपमंडल के अलग-अलग कस्बों और गांवों में आवारा मवेशियों की संख्या बढ़ती जा रही है और इनकी वजह से किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में उन्होंने गेहूं की फसल लगाई है लेकिन आवारा मवेशी फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
किसानों ने कहा कि एक तरफ किसानों को प्रकृति की मार झेलनी पड़ रही है और दूसरी तरफ पिछले डेढ़ महीने से इलाके में बारिश नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि खेतों में बची फसल को आवारा मवेशियों से बचाना मुश्किल हो गया है। लोगों ने कहा कि आवारा मवेशियों को रखने के लिए बनाई गई गोशालाओं से यह समस्या हल नहीं हुई और आवारा मवेशी चारे की तलाश में खेतों में घूमते रहते हैं। किसानों ने बताया कि फसलों को बचाने के लिए 24 घंटे रखवाली करनी पड़ रही है और अगर वह रखवाली न करें तो मवेशी खेतों में जाकर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं।
बता दें कि उपमंडल के अलग-अलग इलाकों की सड़कों पर दिन प्रतिदिन मवेशियों की संख्या बढ़ती जा रही है जिसकी वजह से वाहन चालक परेशान हैं। किसानों ने कहा कि आए दिन सड़कों पर घूमने वाले आवारा मवेशियों के कारण हादसे भी हुए हैं। किसानों ने बताया कि उन्होंने कई बार मवेशियों को पकड़कर दूर जंगलों में छोड़ा लेकिन कुछ समय बाद आवारा मवेशी चारे की तलाश में नगरों और गांवों की तरफ पहुंच जाते हैं। किसानों ने कहा कि इलाके के ज्यादातर किसानों ने केवल बारिश के पानी पर निर्भर रहकर फसलें लगाई हैं। किसानों ने सरकार से मवेशियों को खुला छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।