जीडीसी की पुरानी इमारत में चलेंगी वैकल्पिक कक्षाएं, मरम्मत की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले के पहाड़ी क्षेत्र बनी में विंटर जोन का पहला केंद्रीय विद्यालय इसी सत्र से शुरू होने की उम्मीद है। हायर सेकेंडरी स्कूल बनी के परिसर में जीडीसी बनी की पुरानी इमारत का इस्तेमाल केंद्रीय विद्यालय की कक्षाओं की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए किया जाएगा।
बनी विधायक की ओर से इमारत की मरम्मत के लिए 30 लाख रुपये की राशि जारी कर दी गई है। स्थायी इमारत के लिए जमीन हस्तांतरण और चिह्नित जगह तक अप्रोच सड़क बनाई जाएगी। इसकी वैकल्पिक व्यवस्था की इमारत की मरम्मत जल्द पूरा होने तक केंद्रीय विद्यालय संगठन की ओर से प्रक्रिया फिलहाल शुरू नहीं की गई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार रामकोट केंद्रीय विद्यालय की ही तरह बनी केंद्रीय विद्यालय का पहला सत्र भी देरी से शुरू होने की संभावना बनी हुई है। लोक निर्माण विभाग ने डीपीआर में जीडीसी की पुरानी इमारत की मरम्मत के लिए 30 लाख से अधिक की राशि का अनुमान लगाया है।
बनी कस्बे के साथ-साथ आसपास के लोग लंबे समय से केंद्रीय विद्यालय खुलने की आस लगाए हुए हैं। हैरत की बात है कि प्रशासन ने स्थायी इमारत के लिए चिह्नित जमीन केंद्रीय विद्यालय को हस्तांतरित करने और टीम के पहले दौरे के बाद अप्रोच सड़क की व्यवस्था में ही कई साल लगा दिए हैं। तीन से चार साल बाद भी स्थिति दस्तावेजी प्रक्रिया में ही अटकी हुई है।
प्रदेश में 13 केंद्रीय विद्यालयों को मंजूरी मिली थी। इसमें कठुआ जिले में रामकोट और बनी के लिए भी एक-एक केंद्रीय विद्यालय था। रामकोट का केंद्रीय विद्यालय बीते साल अक्टूबर में अपना सत्र शुरू सका तो वहीं बनी के लिए अभी भी प्रयास जारी हैं।
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जिले में विंटर जोन का एकमात्र सीबीएसई स्कूल होगा केवी बनी
खास बात यह भी है कि बनी का केंद्रीय विद्यालय जिले का विंटर जोन में उपलब्ध एकमात्र सीबीएसई स्कूल होगा। पहाड़ी इलाके के विद्यार्थियों के लिए यह शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा वरदान इसलिए भी होगा चूंकि इन इलाकों में अब तक सीबीएसई स्कूल नहीं हैं। प्रशासन फिलहाल इन कक्षाओं को वैकल्पिक व्यवस्था के साथ शुरू करवाएगा जिसके लिए नजदीक के स्कूल या कॉलेजों की इमारतों का इस्तेमाल किया जा सकता है। सीबीएसई स्कूल उपलब्ध न होने से बनी सब डिवीजन के विद्यार्थियों को बसोहली के एकमात्र जवाहर नवोदय विद्यालय में दाखिला लेना पड़ता था। पहाड़ी इलाके के लगभग 150 किलोमीटर के दायरे में दो नए केंद्रीय विद्यालय खासतौर पर इलाके की बेटियों के लिए बड़ी सौगात हैं। बनी सब डिवीजन के साथ-साथ बिलावर और बसोहली उपजिले की बेटियों को विकल्प मिलने से उन्हें लाभ मिलेगा।
कोट
केंद्रीय विद्यालय बनी को इसी सत्र से शुरू करने के लिए पूरी तरह से प्रयास जारी हैं। जीडीसी की पुरानी इमारत में वैकल्पिक कक्षाएं चलाई जाएंगी जिनकी मरम्मत के लिए 30 लाख रुपये की राशि जारी की गई है। जल्द ही इसे लेकर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
- डॉ. रामेश्वर सिंह, विधायक बनी