हाईवे प्राधिकरण ने मंजूरी के लिए सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को भेजा
दो किलोमीटर और 200 मीटर होगी सड़क की लंबाई, खत्म होंगे ब्लैक स्पॉट
साहिल खजूरिया
कठुआ। जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे पर कालीबड़ी चौक को बाईपास करने वाले फ्लाईओवर को लेकर हाईवे प्राधिकरण ने अब एक बड़ी योजना तैयार की है। 160 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित यह फ्लाईओवर अब सीधा खरोट मोड़ से शुरू होकर गुप्ता अस्पताल और रिसर्च सेंटर तक बनेगा। इसकी लंबाई दो किलोमीटर और 200 मीटर होगी।
पहले इस स्थान पर 650 मीटर लंबे व्हीकल अंडरपास को मंजूरी दी गई थी। बाद में इसे संशोधित कर 1300 मीटर तक तीन पिलर आधारित फ्लाईओवर का प्रस्ताव रखा गया। विशेषज्ञों का मानना था कि इससे भी इस क्षेत्र के ब्लैक स्पॉट्स और हादसों की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी। इसी कारण अब हाईवे प्राधिकरण ने एक बड़े फ्लाईओवर प्रोजेक्ट को अंतिम रूप दिया है जिसे केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को मंजूरी के लिए भेजा गया है।
पूर्व में मिली मंजूरी के अनुसार कालीबड़ी में में 1300 मीटर लंबे फ्लाईओवर का निर्माण होना था जिस पर करीब 35 करोड़ रुपये की लागत आती है। यह फ्लाईओवर कालीबड़ी और जंगलोट के दो जंक्शनों को कवर करता है।
जाम की समस्या आम जीएमसी कठुआ में इलाज के लिए पहुंचने वाले लेते हैं गलत इंट्री : शहर की इंट्री का मुख्य हिस्सा कालीबड़ी चौक अपने संकरे और टेढ़े आकार के कारण आए दिन जाम और हादसों का कारण बनता है। इस चौक पर अवैध पार्किंग से लेकर बेतरतीब लगने वाले जम्मू कठुआ रूट की बसें, ई रिक्शा से लेकर ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाली मिनी बसें भी सीधा कोने पर आ लगती हैं। इससे शहर की इंट्री का यह प्वाइंट सुबह से लेकर रात तक जाम से जूझता रहता है। उधर, जीएमसी कठुआ के सहायक अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने वाले लोग भी हाईवे पर गलत दिशा से डिवाइडर पार कर अस्पताल के मुख्य गेट पर पहुंचते हैं। जम्मू से आने वाले वाहन को डिवाइडर के कट से मात्र बीस मीटर की दूरी पर जीएमसी का गेट मिलता है लेकिन कायदे से इसके लिए खरोट मोड़ से लगभग डेढ़ किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ता है।
कोट
कालीबड़ी चौक के फ्लाईओवर के लिए एक नई योजना तैयार की गई है। इसमें 2200 मीटर के फ्लाईओवर का प्रस्ताव है जो ब्लैक स्पॉट को कम कर देगा। इससे प्रदेश के बाहर से आने वाले वाहनों को भी चौक-चौराहों के जाम से मुक्ति मिलेगी। योजना मंजूरी के लिए भेजी गई है।
- राजीव कुमार, परियोजना निदेशक, पीआईयू, एनएचएआई जम्मू