टीम का सदस्य होना और जीत का गवाह बनना बहुत बड़ा लम्हा : क्रिकेटर कंवलप्रीत सिंह सनम
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। कठुआ शहर के क्रिकेटर कंवलप्रीत सिंह सनम की पहचान अब रणजी खिलाड़ी के रूप में हो गई है। रणजी के लिए चयनित कंवलप्रीत सिंह सनम जम्मू कश्मीर की टीम का हिस्सा रहे। उन्होंने कठुआ के जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम से जेकेसीए और फिर रणजी तक का सफर
तय किया।
क्रिकेटर की टीम में प्रतिभागिता पर कठुआ के लोगों ने जश्न मनाया। खास बातचीत में कंवलप्रीत ने बताया कि टीम के हर खिलाड़ी के मन में जीत का लक्ष्य तय था और इस लम्हे का बेसब्री से इंतजार रहा। रात टीम की जीत के जश्न को मनाने की सोच में ही गुजर गई। हर खिलाड़ी ने बेहतरीन किया और आज देश में जम्मू कश्मीर की टीम का नाम रोशन है।
कंवलप्रीत ने बताया कि टीम के हर खिलाड़ी ने जी जान से मेहनत की। हर कोच ने अपना बेहतरीन खेलने के लिए प्रेरित किया और कुल मिलाकर नतीजे सबके सामने हैं। लोगों में इस बात की भी खुशी दिखी की कठुआ का होनहार क्रिकेटर जीत के लम्हों में टीम के साथ हैं।
कंवलप्रीत कठुआ की गलियों में क्रिकेट के रोमांच से उनका सफर शुरू हुआ। बचपन से क्रिकेट के प्रति रुचि ने उन्हें इसी में आगे बढ़ने का हौसला दिया। परिवार के सदस्यों ने भी खूब पीठ थपथपाई। सामान्य से परिवार से बावस्ता कंवलप्रीत ने इसके बाद स्कूल गेम्स में दो बार राष्ट्रीय स्तर पर भी क्रिकेट खेला। पैशन बढ़ता गया और जम्मू कश्मीर के साथ देश के लिए खेलने का जज्बा भी।
कंवलप्रीत ने बताया कि 17 साल की उम्र में उन्हें जेकेसीए के बारे में पता चला। जिसके बाद उन्होंने अंडर 19 में गुवाहाटी में खेली टीम में भी प्रदर्शन किया। बीते साल अक्टूबर में जेकेसीए की ओर से रणजी के लिए चुनी गई टीम के सदस्यों में कंवलप्रीत का नाम भी शामिल रहा। कंवलप्रीत ने बताया कि उन्होंने कठुआ स्टेडियम में नियमित प्रैक्टिस की।
इसके बाद एक महीने के लिए वे दिल्ली चले गए और प्रशिक्षण हासिल किया। उन्होंने बताया कि टीम के सदस्यों के बेहतरीन प्रदर्शन के बीच भले ही उन्हें अपनी काबिलियत दिखाने का मौका नहीं मिला है लेकिन टीम की जीत ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए और प्रेरित कर दिया है। उन्होंने बताया कि पहले बार वे सीनियर केटेगरी में राष्ट्रीय स्तर के लिए चुने गए थे।