बिलावर। देवल गांव में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा शुक्रवार को दूसरे दिन में प्रवेश कर गई। कथावाचक पीयूष महाराज ने प्रवचनों से श्रद्धालुओं को निहाल किया। कुसंग से सदैव भयभीत रहें और केवल सत्य का संग करें।
उन्होंने कहा कि कुसंग एक जहर है जिसका संग बिगड़ गया उसका धीरे-धीरे सब कुछ बिगड़ जाता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह चुंबक लोहे को खींचता है उसी तरह संन्यास सत्य को खींचता है। सत्संग का अर्थ है सत्य का संग और सत्य परमात्मा है। शाम 4:00 बजे कथा समापन पर आरती का आयोजन किया गया जिसके बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।