बिलावर। देवल गांव में वीरवार को श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह की शुरुआत हो गई। कथावाचक पियूष महाराज ने कथा सुनने पहुंचे श्रद्धालुओं को समझाते हुए कहा कि गुरु नानक देव जी महाराज ने कहा था कि ईश्वर एक है ,सृष्टि का रचयिता है, भय से रहित है ,उसे किसी से वैर नहीं है। वह भूत ,भविष्य और वर्तमान काल से परे है। इसलिए प्रभु को सदा स्मरण कर सदाचरण करने वाला निहाल हो जाता है और उसका कल्याण होता है।
कथावाचक ने कहा कि हम आपको बार-बार समझाते हैं कि यदि आपको भी भवसागर से पार होना है तो सत का संग भी आपको करना है। सत्संग, भजन कोई और करें और कल्याण हमारा हो जाए ऐसा नहीं होता। यह ऐसा ही है जैसे आपको नदी को पार करना है और बिना साधन आप उसे पार नहीं कर सकते। ठीक उसी प्रकार साधना के बिना आप भवसागर को भी पार नहीं कर सकते, इसलिए सत्य का संग अवश्य करें, सत्संग करने से दुखों का नाश होगा। कथावाचक में कहा कि गुरु चाहे कितना भी महान क्यों न हो, यदि हम उनका सत्संग नहीं करेंगे, उनसे ज्ञान प्राप्ति नहीं करेंगे तो फिर भवसागर से कैसे तरेंगे। शाम 4:00 बजे ओम जय जगदीश हरे की आरती का आयोजन हुआ। इसके बाद पंडाल में बैठे श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।