सीमावर्ती गांवों में जिला प्रशासन ने किया योजना शिविर का आयोजन
कठुआ। जिला विकास आयुक्त राजेश शर्मा ने सीमावर्ती गांव का दौरा कर वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत योजनाओं के निर्माण के लिए विशेष ग्राम सभाओं और जागरूकता कार्यक्रमों की अध्यक्षता की। बार्डर वेलफेयर कमेटी के भारत भूषण ने कहा कि सीमावर्ती लोग कई बार उजड़े फिर अपने घरों में लौट आए और आज भी सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षाबलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर डटे हुए हैं।
कडयाला में प्रस्तावित कार्यक्रम एडीडीसी कठुआ की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। लोगों ने दो टूक कहा कि सीमावर्ती लोगाें ने यहां से बार बार पलायन का दंश झेला है लेकिन उनका हौसला कम नहीं हुआ। ग्रामीणों ने कडयाला में बताया कि जीरो लाइन से छह किलोमीटर तक वेटनरी सेंटर नहीं खोला गया है। इसके अलावा विकास से संबंधित मुद्दे रखे गए। उन्होंने कडयाला से देवोचक सड़क के अधूरे काम को पूरा करने की मांग की। बिजली की लो वोल्टेज को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर उपलब्ध करवाने, हाई स्कूल में चार मास्टर ग्रेड शिक्षकों की पोस्टें खाली रहने से प्रभावित हो रही शिक्षा का मुद्दा भी प्रशासन के सामने रखा। बार्डर की करोल कृष्णा से छन्न लाल दीन सड़क में एक्सप्रेस-वे की तर्ज पर जमीनों का मुआवजा देने की मांग की।
प्रशासन की ओर से ग्राम सभाएं रठुआ, गंजाल, कडयाला और गुज्जर चक में आयोजित की गईं जिनका उद्देश्य भागीदारी आधारित योजना बनाना और स्थानीय निवासियों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए ठोस विकास योजनाएं तैयार करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और अपनी समस्याएं, आकांक्षाएं व सुझाव साझा किए। नोडल अधिकारियों ने गांववासियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर तैयार प्रारूप योजनाएं पढ़कर सुनाईं। रठुआ में डीसी ने ग्रामीणों से आग्रह किया कि यदि कोई मुद्दा शामिल न हो तो उसे अंतिम योजना में जोड़ा जाएगा।
पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों सहित कई ग्रामीणों ने नागरिक सुविधाओं, बुनियादी ढांचे की कमी और सीमा क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं को उठाया। अधिकारियों ने इन मांगों को अंतिम मसौदे में शामिल करने का आश्वासन दिया।
रठुआ में ग्रामीणों से बातचीत करते हुए डीसी ने कहा कि जागरूकता-कम-ग्राम सभाओं का उद्देश्य हर हितधारक को शामिल कर समग्र योजना बनाना है, जिसमें युवाओं और महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने सरकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को पूर्ण कवरेज देने और चरणबद्ध तरीके से विकास ढांचे को मजबूत करने पर बल दिया। डीसी ने आश्वासन दिया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में और अधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे ताकि लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं के बारे में जानकारी दी जा सके और इन गांवों को वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत आदर्श बस्तियों में बदला जा सके।
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कडयाला हाई स्कूल में लगाया शिविर
वहीं, कडयाला हाई स्कूल में भी इसी तरह का शिविर आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता एडीडीसी सुरिंदर मोहन शर्मा ने की। यहां भी ग्रामीणों की आकांक्षाओं और सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना गया और मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
ग्राम सभाओं में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपनी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी दी और ग्रामीणों को समय पर लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। गौरतलब है कि बोबिया, कडयाला, गंजाल, करोल कृष्णा, रठुआ और गुज्जर चक गांवों को भारत सरकार के वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत चिह्नित किया गया है।