- मरीजों को अकादमिक ब्लॉक ले जाने की समस्या होगी खत्म
कठुआ। जीएमसी कठुआ के इमरजेंसी ब्लॉक और इंडाेर ब्लॉक में आने वाले मरीजों को अलग से जांच की सुविधाएं देने की पहल शुरू हो गई है। इसके लिए परिसर में एकीकृत पब्लिक हेल्थ लैब का निर्माण शुरू हो गया है। आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत बनने वाली इस लैब का निर्माण पूरा होने के बाद इसे वर्ष के अंत तक शुरू किया जाना है।
दरअसल वर्ष 2019 से शुरू हुए जीएमसी कठुआ में अब तक एक ही लैब से सभी तरह की जांच की सेवाओं को संचालित किया जाता रहा है। मेडिकल कॉलेज स्तर के अस्पतालों में इमरजेंसी, इंडोर और आउटडोर मरीजों के लिए अलग-अलग लैब का प्रावधान है। मगर इमारत के अभाव के कारण वर्गीकृत लैब सेवा अब तक शुरू नहीं हो पाई थी। अब नया निर्माण होने से अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली जांच की सुविधाओं में बेहतरी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
अस्पताल में इमारत से जुड़ी इस समस्या के कारण अब तक सभी तरह के मरीजों को एक लैब से जांच की सुविधा प्रदान की जाती रही है, जबकि माइक्रो बायोलॉजी और बायो केमिस्ट्री पैथालॉजी को अकादमिक ब्लॉक से चलाया जाता रहा है। इसमें कल्चर सेंस्टीविटी, बोन मैरो से जुड़े टेस्ट और अन्य कई तरह की जांच के लिए अस्पताल में भर्ती मरीजों को एंबुलेंस से अकादमिक ब्लॉक लाना पड़ता था। इसमें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता था।
नई बनने वाली इमारत में इस समस्या का समाधान करने के लिए दो अलग-अलग ब्लॉक का निर्माण किया जा रहा है। यहां इमरजेंसी ब्लॉक और इंडोर ब्लॉक के लिए लैब की सुविधा मिलेगी। पुराने लैब को पूरी तरह से ओपीडी ब्लॉक में आने वाले मरीजों की सहूलियत के अनुसार संचालित किया जा सकेगा। इस तरह अस्पताल में आने वाले तीनों तरह के मरीजों के लिए अलग-अलग लैब की सुविधा होगी।
कोट
अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के प्रयास के तहत विकास के कार्य लगातार जारी हैं। एकीकृत पब्लिक हेल्थ लैब का निर्माण भी इसका एक हिस्सा है। 13.75 करोड़ की लागत से बनने वाली दो नई लैब में इमारत के साथ वहां ढांचागत सभी सुविधाएं मुहैया होंगी। इसके मार्च महीने में शुरू होने की संभावना है।
- डॉ. सुरिंदर कुमार अत्री, प्रधानाचार्य जीएमसी कठुआ