बिलावर। उपमंडल मुख्यालय से 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित लोडनू गांव में मोबाइल सिग्नल की समस्या से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय गांव वासियों का कहना है कि गांव में मोबाइल सेवा अक्सर प्रभावित रहने से ग्रामीण अपने सगे संबंधियों से बात नहीं कर पाते हैं, वहीं विद्यार्थियों की ऑनलाइन पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा कि मोबाइल सिग्नल के लिए स्थानीय लोगों को गांव से आधा किलोमीटर ऊपर चढ़ाई चढ़कर पहाड़ी पर जाना पड़ता है जिसके बाद सिग्नल उपलब्ध होता है। स्थानीय निवासी पुरुषोत्तम, पवन कुमार, रमेश सिंह और सुमन शर्मा ने बताया कि मोबाइल सिग्नल उपलब्ध नहीं होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार डिजिटल इंडिया बनाने के बड़े-बड़े दावे करती है लेकिन मौजूदा समय में उपमंडल के कई इलाकों के ग्रामीणों को मोबाइल सेवाएं सही तरीके से नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने कहा कि मोबाइल पर संपर्क होने के बाद अक्सर कॉल ड्रॉप की समस्या पेश आती है। लोगों ने बताया कि आज तक उनके गांव में सरकारी या निजी कंपनी का कोई भी टावर नहीं लगाया गया। उन्होंने बताया कि मौजूदा दौर में कई प्रकार के बैंक संबंधित कामकाज और अन्य कई कामकाज ऑनलाइन प्रक्रिया से किए जाते हैं लेकिन उनके गांव मे मोबाइल सिग्नल की समस्या की वजह से ऑनलाइन प्रक्रिया से काम नहीं हो पाते हैं।
लोगों ने बताया कि बैक टू विलेज एक और बैक टू विलेज दो कार्यक्रम में भी लोगों ने उनके गांव में मोबाइल टावर स्थापित करने की मांग की थी लेकिन उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। लोगों ने मांग की है कि सरकार मोबाइल सिग्नल की समस्या का जल्द समाधान करे जिससे लोडनू इलाके की 1000 से अधिक आबादी को सिग्नल की समस्या से निजात मिल सके।