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Kathua News: अटल सेतु पर चार दिन की चांदनी के बाद अंधेरी रातें, रंग-बिरंगी लाइटें बंद

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कठुआ। बसोहली क्षेत्र में रावी नदी पर बने अटल सेतु पर बीते साल जनवरी में लगाई गई रंग-बिरंगी लाइटें अब अंधेरे में गुम हो चुकी हैं। महज कुछ दिनों तक ही इन लाइटों ने पुल को रोशन किया, लेकिन उसके बाद से यह व्यवस्था ठप पड़ी है। कई जगहों पर तो लाइटें पूरी तरह से गायब हो गई हैं।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि जब लाइटें पहली बार जलाई गई थीं तो पुल का नजारा बेहद आकर्षक दिखाई देता था। रात के समय अटल सेतु जगमगाता था और यह पुल पर्यटकों के लिए भी खास आकर्षण का केंद्र बन गया था लेकिन कुछ ही दिनों बाद लाइटें बंद हो गईं और अब पुल पर अंधेरा पसरा रहता है।
लोगों का आरोप है कि लाखों रुपये खर्च कर लगाई गई लाइटें महज दिखावे के लिए थीं। रखरखाव और निगरानी की कमी के कारण यह व्यवस्था टिक नहीं पाई। कई जगहों से लाइटें टूट-फूट गईं या पूरी तरह से गायब हो गईं। इससे न केवल सरकारी धन की बर्बादी हुई है बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना भी अधूरी रह गई है।
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अटल सेतु को जम्मू-कश्मीर का पहला केबल-स्टे ब्रिज होने का गौरव प्राप्त है। यह पुल बसोहली को पंजाब और हिमाचल से जोड़ता है और क्षेत्रीय पर्यटन का अहम केंद्र है। पुल पर लगी रंगीन लाइटों से उम्मीद थी कि रात के समय यह स्थल पर्यटकों को और आकर्षित करेगा लेकिन लाइटें बंद होने से यह आकर्षण फीका पड़ गया है।
स्थानीय नागरिकों में शिव कुमार पाधा ने प्रशासन से मांग की है कि लाइटों को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए और नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। उनका कहना है कि अटल सेतु न केवल एक इंजीनियरिंग चमत्कार है बल्कि यह क्षेत्र की पहचान भी है। ऐसे में इसे रोशन रखना आवश्यक है।
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