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Kathua News: विद्यार्थियों को पारंपरिक हस्तकला के प्रति जागरूक किया

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कठुआ। राजकीय गिरधारी लाल डोगरा मेमोरियल (जीएलडीएम) डिग्री कॉलेज हीरानगर के इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) ने हस्तशिल्प कौशल पर एक जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में एसबीआई ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान कठुआ के विशेषज्ञ संकाय सदस्य शामिल हुए।
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कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में पारंपरिक हस्तकला के प्रति जागरूकता बढ़ाना, कौशल विकास को प्रोत्साहित करना और स्वरोजगार के अवसरों को उजागर करना था। वक्ताओं में अविनाश और अशोक ने छात्रों को विभिन्न हस्तशिल्प तकनीकों से परिचित कराया और उन्हें रचनात्मकता को अपनाने के साथ-साथ हस्तनिर्मित उत्पादों की आर्थिक संभावनाओं को समझने के लिए प्रेरित किया। सत्र को और प्रेरणादायी बनाने के लिए स्वयं सहायता समूह की सदस्याएं सोनिया और बंधना ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं। उन्होंने छात्रों को कौशल आधारित प्रशिक्षणों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया ताकि वे आय सृजन और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकें। उनके वास्तविक अनुभवों ने छात्रों को हस्तशिल्प को केवल कला ही नहीं बल्कि आजीविका का एक सशक्त साधन मानने के लिए उत्साहित किया।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को स्थानीय स्तर पर प्रासंगिक हस्तकला प्रथाओं, पारंपरिक कला रूपों के संरक्षण के महत्व और इन्हें उद्यमशीलता में बदलने के तरीकों के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने छोटे स्तर पर हस्तशिल्प व्यवसाय शुरू करने, विपणन रणनीतियों और कारीगरों के लिए उपलब्ध सरकारी योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। इस अवसर पर कॉलेज की प्राचार्य डॉ. प्रज्ञा खन्ना ने सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि कौशल आधारित शिक्षा युवाओं को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने आत्मनिर्भरता के महत्व पर जोर दिया और छात्रों को अपनी रचनात्मकता का उपयोग कर सतत आजीविका अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन इनोवेशन गतिविधि समन्वयक प्रो. नीरू शर्मा ने किया जबकि औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अनुपमा अरोड़ा, अध्यक्ष आईआईसी जीएलडीएम डिग्री कॉलेज हीरानगर ने प्रस्तुत किया।
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