खोख्याल गांव स्थित अधूरा पड़ा चेक डैम का निर्माण कार्य।
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कठुआ। शहर से सटे खोख्याल गांव की बहुप्रतीक्षित सिंचाई परियोजना अब पूरी होने की उम्मीद जगी है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि लंबे समय से ठप पड़ी खोख्याल चेक डैम योजना को आगे बढ़ाने के लिए नया प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। मामला कठुआ के विधायक डॉ. भारत भूषण की ओर से विधानसभा में उठाया गया। इसे लेकर अमर उजाला ने कुछ दिन पहले ही खबर प्रकाशित की थी।
दरअसल, किसानों को सिंचाई सुविधा देने के उद्देश्य से वर्ष 2008-09 में खोख्याल गांव में वजू चेक डैम का निर्माण शुरू किया गया था। इस परियोजना पर अब तक 22 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं और लगभग 70 प्रतिशत निर्माण कार्य भी पूरा कर लिया गया था। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार भूमि मुआवजा विवाद के चलते स्थानीय लोगों ने काम रुकवा दिया। विवाद लंबे समय तक सुलझ नहीं पाया, जिससे लागत बढ़ गई और उपलब्ध धनराशि शेष कार्य के लिए अपर्याप्त हो गई।
विधानसभा में विधायक भारत भूषण ने इस रुकी हुई परियोजना को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि किसानों की सिंचाई जरूरतों को देखते हुए इस विकास कार्य को पूरा करना बेहद जरूरी है। सरकार ने जवाब में माना कि परियोजना ठप है और बताया कि अतिरिक्त धनराशि प्राप्त करने के लिए संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट केंद्रीय जल आयोग को भेजी गई थी लेकिन आयोग ने यह कहते हुए प्रस्ताव लौटा दिया कि यह योजना पहले ही 2007–08 में त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम के तहत शामिल की जा चुकी है और इसे केंद्रीय सहायता भी मिल चुकी है।
अब सरकार ने स्पष्ट किया है कि बदली हुई परिस्थितियों और वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शेष कार्य पूरा करने के लिए एक नया व्यापक प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इससे किसानों को उम्मीद है कि डेढ़ दशक से अधर में लटकी यह सिंचाई परियोजना जल्द ही पूरी होगी और क्षेत्र की खेती को नई दिशा मिलेगी।