लोगों ने ग्रामीण विकास विभाग के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
कठुआ। शहर में युवाओं काे बेहतर खेल सुविधा मुहैया करवाने के नाम पर बनाए सिंथेटिक कोर्ट चंद महीने के मेहमान साबित हुए हैं। यह पहली ही बरसात में धुल गए हैं। ग्रामीण विकास विभाग के निर्माण के इस तरह से खराब होने पर लोगों ने इनकी गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।
शहर के पटेल नगर स्थित प्राइमरी स्कूल परिसर में आठ लाख रुपये की लागत से सिंथेटिक बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण ग्रामीण विकास विभाग के इंजीनियरिंग विग ने किया था। इसका निर्माण गत 21 दिसंबर 2025 को विधायक डॉ. भारत भूषण ने इस घोषणा के साथ किया था कि इससे आसपास के युवाओं को बेहतर खेल सुविधा मिलेगी। मगर निर्माण के एक माह बाद हुई बारिश से कोर्ट जगह-जगह फूल गई है।
यही हाल बरमोरा के प्राइमरी स्कूल परिसर में बनाए सिंथेटिक कोर्ट का है जो निर्माण के चंद दिनों के बाद खत्म होने लगा है। स्कूल कमेटी के बलविंदर सिंह राजू की मानें तो निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग इसका जिम्मेदार है जो ठेकेदार और विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत का सबूत है। नई सुविधा मिलने से युवाओं में काफी उत्साह था लेकिन जिस तरह से बनने के साथ ही कोर्ट की हालत बिगड़ी है उसने सिर्फ निराश ही किया है।
ऐसा ही हाल शहर के पटेलनगर की मुख्य गली में हाल के दिनों में डाली गई तारकोल का है। तारकोल के समतल न होने से जलभराव देखने को मिल रहा है। इससे होने वाली परेशानी से बचने के लिए स्थानीय लोग खुद तारकोल को तोड़कर पानी को निकलने के लिए रास्ता बनाने के लिए मजबूर हैं।
स्थानीय रतन वर्मा का कहना है कि गली को बनाने के नाम पर डाली गई तारकोल शुरुआत से ही बराबर नहीं थी। बरसात के बाद जब लोगों के घर के सामने जलभराव की समस्या आई तो उन्हें मजबूर होकर तारकोल को तोड़ना पड़ा। निर्माण के बाद अगर गली को नुकसान हो रहा है तो यह विभाग के लिए विचारणीय है कि निर्माण में किस तरह की इंजीनियरिंग का इस्तेमाल किया जा रहा है।
कोट
इसे लेकर संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए जाएंगे और मामले की रिपोर्ट तलब की जाएगी।
- डॉ. भारत भूषण, विधायक कठुआ
पटेल नगर की मुख्य गली में हुआ जलभराव, हाल के दिनों में नई तारकोल डाली गई थी। संवाद
पटेल नगर की मुख्य गली में हुआ जलभराव, हाल के दिनों में नई तारकोल डाली गई थी। संवाद