कठुआ/हीरानगर। भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांवों में सरकारी भूमि पर खेती करने वाले किसानों ने एक बार फिर मालिकाना हक की मांग तेज कर दी है। बुधवार को सीमांत गांवों के किसानों का प्रतिनिधिमंडल विधायक विजय शर्मा से मिला और उनसे विधानसभा में इस गंभीर मुद्दे को उठाने की अपील की।
किसानों ने बताया कि वे वर्षों से कठिन हालात में सीमा के नजदीक खेती कर रहे हैं। लेकिन तारबंदी और रक्षा प्रयोजनों के लिए अधिग्रहण के चलते हजारों कनाल भूमि खेती से बाहर हो चुकी है। उनका कहना है कि जिस सरकारी भूमि पर वे पीढ़ियों से खेती कर रहे हैं, उसका मालिकाना हक आज तक नहीं दिया गया। गिरदावरी खारिज होने से न तो उन्हें मुआवजा मिलता है और न ही किसी सरकारी योजना का लाभ। बताया कि गोलियों और तनाव के बीच फसल उगाई, लेकिन अब वही जमीन उनसे छीनी जा रही है। किसानों ने मांग रखी कि सरकार किसानों को मालिकाना हक दे, ताकि वे सम्मानपूर्वक खेती कर सकें। उधर, विधायक ने मामले को विधानसभा में प्रभावी ढंग उठाने और केंद्रीय कृषि मंत्री को भी किसानों की मांग से अवगत करवाने का आश्वासन दिया।