संदिग्धों ने एक स्थानीय से भोजन मांगा, सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेरा
कठुआ। कठुआ जिले में बिलावर के नजोत में तलाशी अभियान के बीच बरनोटी के संगानू में दो पिट्ठू लदे संदिग्ध देखे गए हैं। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर रखा है। यह इलाका उज्ज दरिया से सटा है। पिछले साल उज्ज दरिया से सटे अंबे नाल सुफैन में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ भी हुई थी। तलाशी अभियान में वीडीजी सदस्यों को भी साथ में लिया गया है।
सूत्रों के अनुसार संगानू में घर से कुछ दूर पशुशाला में गए एक स्थानीय निवासी ने दो संदिग्धों को पशुशाला के पास घूमते देखा था। संदिग्धों ने उससे खाना और पानी मांगा। सूत्रों की मानें तो संदिग्ध लगभग दो घंटे तक इसी इलाके में छिपे रहे। सूचना मिलने पर सुरक्षाबलों ने सर्च आप्रेशन शुरू कर दिया है। इस क्षेत्र को घेरकर पुलिस, सेना और एसओजी और वीडीजी ने जंगलों को खंगालना शुरू कर दिया है। दुर्गम और कठिन पहाड़ी जंगल के अलावा मौसम की बाधाएं चुनौती बन रही हैं।
पूर्व बीडीसी चेयरमैन बरनोटी बृजेश्वर सिंह ने बताया कि ब्लॉक बरनोटी बोरथेन के संगानू से सटे बाईं नाला में सुबह सात से आठ बजे संंदिग्ध देखे गए। स्थानीय युवक अपने मवेशियों से दूध दोहने गया था।
जम्मू-सांबा-कठुआ रेंज के डीआईजी शिव कुमार शर्मा ने बताया कि सुबह सूचना मिली थी कि संदिग्ध देखे गए हैं। एसपी ऑपरेशन बार्डर और एसएसपी कठुआ की निगरानी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है। सूचना यहां के स्थानीय लोगों से मिली। ऐसे में वीडीजी को साथ लेकर पुलिस सर्च चला रही है। डीआईजी ने बताया कि कोहरा एक बड़ी चुनौती है।
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उज्ज दरिया में लगातार संदिग्ध दिखना चुनौती
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ के पुराने रूट को भले ही सुरक्षाबलों ने सील कर दिया हो लेकिन उज्ज के पुराने रूट का आतंकी इस्तेमाल इलाके में मूवमेंट के लिए आज भी कर रहे हैं। खासकर उज्ज दरिया और इसके सहायक नालों का का इस्तेमाल होता नजर आ रहा है। बीते साल इसी से सटे इलाके सुफैन के अंबे नाल में आतंकियों के साथ सुरक्षाबलों की मुठभेड़ हुई थी। संपर्क से दूर दरिया किनारे आतंकियों की सदरोता से धनु परोल के इलाकों में मूवमेंट होती रही है। वहीं उज्ज दरिया के इन नालों से संगम का प्वाइंट भी संदिग्धों के देखे जाने पर सक्रिय है।
जखोल और बिलावर के पंजतीर्थी इलाके में पांच दरिया, नालों का संगम होता है। यहीं से उधमपुर और बिलावर के लिए विभिन्न रूट भी जाते हैं। आतंकी घुसपैठ के बाद इन्हीं रूट का इस्तेमाल करते रहे हैं। यह नाले उधमपुर और कठुआ जिले के दूरदराज पहाड़ों को जोड़ते हैं। इन रास्तों से सटे जंगलाें में आतंकियों की मौजूदगी के इनपुट पहले भी मिलते रहे हैं।
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पहाड़ों पर सर्दी के चलते निचले इलाकों में छिप रहे आतंकी
कठुआ जिले के पहाड़ी इलाकों में पारा शून्य से नीचे चले जाने से आतंकी ठंड से बचने के लिए निचले जंगली क्षेत्र में छिप रहे हैं। पहाड़ी इलाकों में ढोंक में रहने वाले खानाबदोश परिवार भी नहीं हैं। ऐसे में आतंकी इनमें ठिकाना बनाने की फिराक में हैं। इसी दौरान संदिग्धों का लोगों से भोजन मांगने की घटनाएं सामने आ रही हैं। उधमपुर के बाद बिलावर के धनुपरोल, नजोत और उज्ज से सटे संगानू में संदिग्ध देखे गए हैं। खुफिया सूत्रों का दावा है कि आतंकियों की मूवमेंट को ट्रैक करने के लिए सुरक्षाबलों ने भी निगरानी बढ़ाई हुई है। स्थानीय लोगों की भी मदद ली जा रही है।