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Kathua News: चीनी मांझा की चपेट में आने से होंठ व गाल कटे

Sat, 10 Jan 2026 12:44 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
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चाइनीज डोर की चपेट में आकर घायल हुआ युवा जीएमसी कठुआ के सहायक अस्पताल में उपचार करवाते हुए 
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प्रशासनिक आदेश कागजों तक सीमित, धड़ल्ले से बिक रहा चीनी मांझा
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मोटरसाइकिल से गांव लौट रहा था युवक, जीएमसी कठुआ में करवाया भर्ती




कठुआ। हटली मोड़ क्षेत्र में शुक्रवार को एक युवक चीनी मांझा की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया। युवक की पहचान कुलदीप सिंह (20) पुत्र नरेश सिंह निवासी गुन्नी हटली के रूप में हुई है। घायल को जीएमसी कठुआ में भर्ती कराया
गया है।
यह घटना उस समय हुई जब वह मोटरसाइकिल से गांव लौट रहा था और अचानक चीनी मांझा उसके चेहरे पर आ गया जिस कारण उसके होंठ और गाल बुरी तरह कट गए।
जिला प्रशासन के प्रतिबंध लगाने के बावजूद चीनी मांझा की बिक्री खुलेआम जारी है। दुकानदार प्रशासनिक आदेशों को दरकिनार कर इस खतरनाक मांझा की बिक्री कर रहे हैं। इससे साफ है कि आदेश केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं।
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करीब 10 दिन पहले डीसी कठुआ ने पूरे जिले में चीनी मांझा की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया था। जमीनी स्तर पर कार्रवाई नहीं होने के कारण यह मांझा हर गली - मोहल्ले में बिक रहा है। एक दिन पहले स्कूटी सवार बुजुर्ग भी चीनी मांझा की चपेट में आया था।। गनीमत रही कि उसने गले पर गर्म कपड़ा बांध रखा था जिससे वह बाला - बाल बच गया।
घटना के बाद नगरी क्षेत्र के युवाओं ने तहसीलदार आना जमवाल को ज्ञापन सौंपकर चीनी मांझा की बिक्री रोकने की मांग की। ज्ञापन देने पहुंचे अर्पण वर्मा ने कहा कि पतंगबाजी एक परंपरा और त्यौहार का हिस्सा है लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इसमें चीनी मांझा का इस्तेमाल बढ़ गया है। इससे इंसानों के साथ - साथ पशु और पक्षी भी घायल हो रहे हैं।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दोषी दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई कर दुकानों को सील किया जाए और दोषी अभिभावकों पर भी दंडात्मक प्रावधान लागू किया जाए।
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संभलकर करें दोपहिया की सवारी, चीनी मांझा बन रहा जानलेवा
चीनी मांझा बेहद नुकीला और मजबूत होता है जिससे यह आसानी से त्वचा को काट देता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह सबसे बड़ा खतरा है क्योंकि चलते समय अचानक गले या चेहरे पर आ सकती है। कई मामलों में यह डोर गले में फंसकर दम घुटने जैसी स्थिति पैदा कर देती है। इंसानों के साथ - साथ पक्षी और जानवर भी इसकी चपेट में आकर घायल हो रहे हैं। हर साल इससे होने वाले हादसे भी बढ़ते जा रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से नागरिकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनें और गले व चेहरे को कपड़े से ढककर रखें। पतंगबाजी के मौसम में मुख्य सड़कों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से बचें और वाहन की गति धीमी रखें। अभिभावक बच्चों को चीनी मांझा के खतरों के बारे में समझाएं और इसके प्रयोग से रोक सकते हैं। प्रशासन को चाहिए कि दोषी दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई करे और दुकानों को सील करे। नागरिकों को भी इस प्रतिबंध को प्रभावी बनाने में सहयोग करना चाहिए और किसी भी उल्लंघन की सूचना तुरंत पुलिस या प्रशासन को देनी चाहिए। इस तरह जब तक प्रशासन और नागरिक मिलकर कदम नहीं उठाते तब तक चीनी मांझा का खतरा बना रहेगा और यह परंपरागत पतंगबाजी को एक जानलेवा खेल में बदलता रहेगा।
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