अधिकारियों ने दिया भागथली में लगने वाली इकाई में समायोजित करने का आश्वासन
कठुआ। औद्योगिक क्षेत्र घाटी की एक इकाई से निकाले गए स्थानीय मजदूरों का रोष जारी है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में मजदूरों ने इकाई के गेट के सामने धरना देकर प्रबंधन पर मनमानी का आरोप लगाया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रबंधन स्थानीय मजदूरों को हटाकर बाहरी राज्यों से आए श्रमिकों को दोगुना वेतन पर नियुक्त कर रहा है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। सूचना मिलने पर इकाई से जुड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आश्वासन दिया कि निकाले गए मजदूरों को क्रमवार भागथली में लगने वाली इकाई में समायोजित किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने पुराने स्थान पर ही दोबारा नियुक्ति की मांग की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भर्ती उत्पादन की आवश्यकता के आधार पर ही संभव है। अतिरिक्त कर्मचारियों को रखना उनके लिए संभव नहीं।
प्रदर्शनकारियों में परीक्षित शर्मा ने कहा कि उन्हें अचानक बाहर निकाल दिया गया और कंपनी से इस्तीफा देने के लिए दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि वह इकाई में काम करना चाहते हैं लेकिन हमारी बात सुनी नहीं जा रही। प्रीतम सिंह ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री प्रबंधन और प्रशासन मजदूरों की समस्याओं पर गंभीरता से चर्चा नहीं कर रहे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा। धरने का नेतृत्व कर रहे अजय भारती ने कहा कि तीन दिन से मजदूरों के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है।
इसके बावजूद लेबर कमिश्नर की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है और न ही जम्मू-कश्मीर के उद्योग मंत्री इस मामले में युवाओं को इंसाफ दिलाने के लिए आगे हैं। जम्मू-कश्मीर की जमीन पर लगाई गई इकाई में जम्मू के ही युवाओं को नौकरी न दिया जाना युवाओं के हितों से खिलवाड़ है। गत दिवस नौकरी से निकाले गए युवाओं ने डीसी कठुआ से मुलाकात की थी जहां डीसी से इस मसले का समाधान करने के लिए दो दिनों का समय मांगा है। लिहाजा वह अभी सांकेतिक रूप से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। अगर इन दो दिनों में मजदूरों के साथ इंसाफ नहीं हुआ तो मजदूर भूख हड़ताल पर जाएंगे।