बनी। बनी-बसोहली सड़क पर आए दिन हो रहे सड़क हादसों से चिंतित होकर स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क पर क्रैश बैरियर, कैट्स आई स्टड और उचित सड़क संकेतक, साइन बोर्ड लगाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सड़क पर सुरक्षा इंतज़ामों की कमी से बनी और बसोहली के बीच कई दर्दनाक सड़क हादसों में लोग जान गंवा चुके हैं।
दरअसल, मंगलवार को भी एक दर्दनाक सड़क हादसे ने लोआंग निवासी एक महिला की जान ले ली। सियारा के पास कार गहरी खाई में जा गिरी जिसमें कार सवार दो और लोग बुरी तरह से घायल हो गए थे। इससे पहले भी बनी बसोहली सड़क पर दर्जनों सड़क हादसे कई जिंदगियां लील चुके हैं। बनी और बसोहली के बीच सड़क किनारे जहां ज्यादातर क्षेत्रों में क्रैश बैरियर नहीं हैं। वहीं दुर्घटना संभावित क्षेत्राें में संकेतकों की कमी से लोग बेपरवाह वाहन चलाते हैं।
उधर, प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील भी की कि वे नशे की हालत में वाहन न चलाएं, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनें, सीट बेल्ट का प्रयोग करें और ओवर स्पीडिंग व ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल न करें। उन्होंने कहा कि हमारी जिम्मेदारी केवल सड़क बनाना नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। इसमें जनता और प्रशासन दोनों की साझेदारी ज़रूरी है।
.................
लोगों ने कहा कि उचित इंतजाम हों तो कम हो सकते हैं हादसे
अब्दुल्ला वानी ने कहा, हाल ही में हुए तीन हादसों की बात करें मंगियार, सत्तसर नाला मंदिर के पास और बनी चौड़ाक मार्केट मोड़ के पास हाल ही में तीन गंभीर हादसे हुए। इनमें देखा गया कि इन सभी स्थानों पर न तो क्रैश बैरियर थे, न ही कोई साइन बोर्ड और न ही कैट आइज जैसे जरूरी रिफ्लेक्टिव संकेत लगे थे। इन हादसों ने सड़क प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है। गत दिवस सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई थी यहां पर भी कोई भी क्रैश बैरियर नहीं था।
सुशील कुमार ने कहा, बीते कुछ सालों में कई दर्दनाक सड़क हादसे हो चुके हैं। हर बार देखा गया है कि जहां हादसे हुए, वहां न क्रैश बैरियर था, न साइन बोर्ड और न ही सड़क पर कैट आइज लगी थीं जो रात को दिशा का संकेत दे सकें।
यासिर अहमद ने बताया कि रात को सफर करना जोखिम भरा हो जाता है। मोड़ पर संकेतक और बैरियर की गैर-मौजूदगी से वाहन चालकों को दिशा का अंदाज़ा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। सड़क सुरक्षा मानकों के अनुसार पहाड़ी और घुमावदार मार्गों पर क्रैश बैरियर, संकेतक और रिफ्लेक्टिव कैट आइज अनिवार्य हैं। इनकी अनुपस्थिति सीधे-सीधे सड़क इंजीनियरिंग में खामी को दर्शाती है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि प्रशासन इन हादसों से सबक ले और सड़क पर स्थायी व तकनीकी रूप से मान्य सुरक्षा उपाय लागू करे। अन्यथा, ऐसी घटनाएं बार-बार दोहराई जाएंगी और बेगुनाह जानें यूं ही जाती रहेंगी।
.............
जल्द ही इस मामले को लेकर बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन के अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। सड़क से जुड़े सभी मुद्दे और लोगों की मांगें उनके सामने रखी जाएंगी। प्रशासन की पूरी कोशिश है कि सड़क सुरक्षा को लेकर बेहतर इंतज़ाम किए जाएं क्योंकि लोगों की जान किसी भी सड़क से ज्यादा कीमती है।
संदीप कुमार एसडीएम बनी