कठुआ/हीरानगर। आपकी हिम्मत से देश मजबूत है। जब तक आप सीमा पर डटे हैं हर किसी के हौसले बुलंद हैं। पाकिस्तान अब कोई हिमाकत नहीं करेगा। प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। निश्चिंत होकर अपना काम करें। अगले एक दो दिन में सीमावर्ती इलाके में स्कूलों को भी खोल दिया जाएगा। यह बातें हीरानगर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बोबिया गांव में ग्रामीणों के साथ बैठक में पहुंचे आयुक्त सचिव संजीव वर्मा ने कही। उन्हें सरकार की ओर से जिला का मेंटर, सलाहकार नियुक्त किया गया है।
संजीव वर्मा ने बंकरों की स्थिति का भी बोबिया में जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं और मांगें सुनने के साथ ही मौके पर जिला प्रशासन को जरूरी निर्देश भी जारी किए। बार्डर वेल्फेयर कमेटी के सदस्य भारत भूषण ने बताया कि अधिकारी के समक्ष नए बंकरों के लिए पशुओं के लिए बंकर बनाए जाने की मांग रखी गई। इसके अलावा क्षेत्र में पेयजल और बिजली किल्लत को लेकर भी समस्याओं का समाधान करने के लिए कहा गया। बताया कि सीमावर्ती इलाके के युवाओं को सेना या अर्धसैनिक बलों में भर्ती का मौका दिया जाना चाहिए।
क्षेत्र के लोगों ने सीमावर्ती इलाके में सेना की तैनाती बढ़ाए जाने की मांग रखी। इसके अलावा जमीन के मुआवजे को लेकर भी बात आयुक्त सचिव के समक्ष रखी गई। सीमा जनकल्याण समिति के सुभाष सिंह ने कहा कि गोलाबारी शुरू होने पर इस बार बंकरों से बचाव हुआ है। लोगों को सुरक्षित ठिकाने मिले हैं। उन्होंने कहा कि बंकरों में पानी, बिजली की समस्या आई है। गर्मी के सीजन में बंकर के भीतर मच्छर और गर्मी से दिक्कतें हैं। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती इलाके में सड़क किनारे सरकंडों की सफाई करवाने और सड़कों के विस्तारीकरण की मांग रखी गई है।
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सरकार की ओर से क्या दी गई हैं मेंटर को जिम्मेदारियां
सरकार की तरफ से दी गई जिम्मेदारी के अनुसार अधिकारी को यथा संभव निर्धारित जिले का दौरा करने, चल रहे राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों में जिला प्रशासन का मार्गदर्शन करने के निर्देश हैं। इसके अलावा उन्हें जिले में महत्वपूर्ण और कमजोर प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की समीक्षा करना और सुनिश्चित करने के अलावा जिले में कार्यरत नागरिक, पुलिस, सेना और जम्मू-कश्मीर सरकार और भारत सरकार की सभी अन्य एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी दी गई है। आवश्यक सेवाओं जैसे पेयजल, बिजली, संचार, सड़क कनेक्टिविटी की समीक्षा करना और उपलब्धता सुनिश्चित करना और आवश्यक वस्तुओं जैसे खाद्यान्न, सब्जियां और पेट्रोल/डीजल और एलपीजी आदि की समीक्षा करना और उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। जिला के मेंटर को जिला प्रशासन के सामने आने वाले मुद्दों का समाधान करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।