कठुआ। माहीचक गांव में वार्षिक दंगल के अंतिम मुकाबले के बाद दो गुटों में किसी बात को लेकर हुई बहसबाजी झड़प में बदल गई।
इस दौरान दोनों गुटों में जमकर पथराव हुआ। वहीं इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेने पहुंच रहे कैबिनेट मंत्री जावेद राणा का काफिला भी कुछ सौ मीटर दूर से ही लौट गया। पुलिस के पहुंचने से पहले पथराव करने वाले भाग निकले। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
दरअसल, दंगल कमेटी की ओर से माही चक में वार्षिक आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी की गई थीं। दंगल मुकाबलों का आयोजन दोपहर में शुरू हुआ। कैबिनेट मंत्री जावेद अहमद राणा का इस दंगल में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करने का कार्यक्रम था। मुकाबलों में भिड़ने के लिए विभिन्न जगह से पहलवान पहुंचे थे। अंतिम मुकाबले के बाद एकाएक कुछ पहलवानों और अन्य लोगों में कहासुनी के बाद पथराव शुरू हो गया। आयोजकों ने स्थिति को नियंत्रण में करने की अपील की लेकिन उपद्रवी नहीं माने। आखिरकार भारी भगदड़ और शोर शराब मचा रहा। उधर घटना के समय दंगल मैदान की ओर पहुंच रहे मंत्री के काफिले को कुछ सौ मीटर दूर से ही मोड़ लिया गया।
समुदाय विशेष के दंगलाें में पत्थरबाजी या भिड़ंत का यह पहला मामला नहीं है। बीते साल जनवरी महीने में भी कठुआ के कुमरी कठेरा पला मोड़ में होने वाले वार्षिक दंगल में भी जमकर पथराव हुआ था। पुलिस ने उपद्रवियों को मौके से खदेड़कर मामला शांत करवाया।