संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई पूरी तक इतिहास रचने के बाद उपमंडल हीरानगर की बेटी अंजलि का अपने पैतृक गांव सुनखल पहुंचीं। इस दौरान गांव वालों ने उनका भव्य स्वागत किया। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की ऑल वूमेन माउंटेनियरिंग टीम की सदस्य के रूप में 8,848 मीटर की बुलंदी पर पहुंची अंजलि देवी की उपलब्धि पर पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
वीरवार को अंजलि के गांव पहुंचने पर सबसे पहले कठुआ जिले के दयालचक में माता-पिता, स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों और गणमान्य नागरिकों ने फूल-मालाओं और जोरदार नारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद जब वह अपने पैतृक गांव सुनखल पहुंचीं तो ग्रामीणों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया। इस दौरान पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और लोगों ने मिठाइयां बांटकर इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाया।
ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव की बेटी अंजलि देवी ने आईटीबीपी की ऑल वूमेन माउंटेनियरिंग एक्सपीडिशन टीम के साथ दुनिया की सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण पर्वतारोहण यात्राओं में शामिल माउंट एवरेस्ट को सफलतापूर्वक फतह कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे कठुआ जिले और जम्मू-कश्मीर का नाम देश में रोशन किया है।
उन्होंने एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचकर तिरंगा लहराया और महिलाओं की शक्ति, साहस तथा दृढ़ संकल्प का परिचय दिया है। वहीं, अंजलि के पिता बलवंत सिंह ने कहा कि बेटी ने वर्षों की कठिन मेहनत, अनुशासन और समर्पण के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। सेवानिवृत्त कैप्टन उत्तम सिंह ने कहा कि बेटी अंजलि ने पूरे जम्मू-कश्मीर का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। उम्मीद जताई कि अंजलि की यह उपलब्धि बेटियों को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करेगी।
पहले भी आईटीबीपी के विभिन्न पर्वतारोहण अभियानों में हिस्सा ले चुकी हैं अंजलि
वर्ष 2025 में उन्होंने 7,135 मीटर ऊंची एक कठिन चोटी को सफलतापूर्वक फतह किया था। इसके अलावा, उन्होंने 21 किलोमीटर वॉलोंग हाफ मैराथन में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपनी खेल प्रतिभा और सहनशक्ति का परिचय दिया है। इस मौके पर बहन अनु देवी, सिमरन, सुरजीत, त्रिप्ता देवी दिया और सोनिया तथा अन्य ग्रामीण तथा रिश्तेदार उपस्थित थे।