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Kathua News: दो साल बाद जीएमसी कठुआ में फिर शुरू हुई गैस्ट्रोएंटरोलॉजी सेवाएं

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टाटा मेमोरियल अस्पताल से आए डॉ. अखिल महाजन ने संभाला कार्यभार
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अब जिले में ही मिलेंगी आधुनिक जांच एवं उपचार की सुविधाएं


संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। करीब दो वर्षों के लंबे इंतजार के बाद जीएमसी कठुआ में गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट के रिक्त पद पर विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति होने से मरीजों को बड़ी राहत मिली है। टाटा मेमोरियल अस्पताल से आए डॉ. अखिल महाजन ने संस्थान में कार्यभार संभाल लिया है, जिसके साथ ही गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग की सेवाएं दोबारा शुरू हो गई हैं, जो जिले के लोगों के लिए राहत की बात है।

डॉ. महाजन के कार्यभार संभालने के बाद प्रतिदिन 8 से 10 मरीजों को ऊपरी पाचन तंत्र की एंडोस्कोपिक जांच (डायग्नोस्टिक अपर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंडोस्कोपी) का लाभ मिल रहा है। इसके अलावा, बड़ी आंत की एंडोस्कोपिक जांच (कोलोनोस्कोपी), एंडोस्कोपी के माध्यम से ऊतक की जांच (बायोप्सी), लीवर की कठोरता और वसा की जांच (फाइब्रोस्कैन) सहित गैस्ट्रोएंटरोलॉजी से जुड़ी कई आधुनिक जांच एवं उपचार सुविधाएं भी शुरू कर दी गई हैं। पहले इन सेवाओं के लिए मरीजों को जम्मू या पठानकोट जाना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत आती थी।
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जीएमसी कठुआ के प्राचार्य डॉ. सुरिंदर कुमार अत्री ने बताया कि मई 2024 में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ डॉ. सुशील कुमार शर्मा के इस्तीफा देने के बाद यह सेवाएं बंद हो गई थीं। विभाग को पुनः शुरू करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे और अब डॉ. अखिल महाजन के आने से मरीजों को फिर से विशेषज्ञ सेवाएं मिलने लगी हैं।
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उन्होंने बताया कि संस्थान का प्रयास है कि आने वाले समय में पित्त नली और अग्न्याशय से जुड़ी बीमारियों की एंडोस्कोपी के माध्यम से जांच और उपचार की अत्याधुनिक प्रक्रिया (एंडोस्कोपिक रेट्रोग्रेड कोलेंजियो पैंक्रियाटोग्राफी) भी शुरू की जाए। इसके शुरू होने से मरीजों को इस विशेष उपचार के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा और उन्हें अपने जिले में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
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