शहर के शिवानगर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के समापन पर आरती में भाग लेते विधायक व अन्य
सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ संपन्न
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर के वार्ड नंबर 19 स्थित शिवा नगर के अमर चौक के पास पिछले सात दिनों से जारी श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का रविवार को श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ समापन हो गया। कथा समापन के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों से पहुंचे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
कथा के अंतिम दिवस पर कथाव्यास श्री श्री 108 गायत्री देवी ने राजा परीक्षित के सशरीर स्वर्ग गमन का प्रसंग सुनाते हुए श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य के पापों का नाश कर उसे भगवान श्री हरि के चरणों में स्थान दिलाने वाली दिव्य कथा है। कथा का श्रवण पूरे मनोयोग, श्रद्धा और भक्ति के साथ करना चाहिए, तभी जीवन में सकारात्मक परिवर्तन संभव होता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में धार्मिक आयोजनों की समाज को अत्यंत आवश्यकता है, क्योंकि ऐसे कार्यक्रम लोगों को आध्यात्मिकता से जोड़ने के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को भी मजबूत करते हैं। कथा के दौरान उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे और पूरा पंडाल भक्तिमय वातावरण में डूब गया।
कार्यक्रम में विशेष रूप से विधायक डॉ. भारत भूषण ने भाग लिया। उन्होंने कथा समापन पर आयोजित सामूहिक आरती में शामिल होकर क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने आयोजकों एवं शिवा नगर के लोगों को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक कार्यक्रम समाज में आपसी भाईचारे, प्रेम और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों से जहां व्यक्ति को धर्म और अध्यात्म का ज्ञान प्राप्त होता है, वहीं समाज के लोग एक-दूसरे के साथ प्रगाढ़ संबंधों में भी बंधते हैं।