महिला आरक्षण बिल 2023 लागू किए जाने की मांग को लेकर डीसी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करते कांग्र
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बिल को लागू करने के बजाय सरकार जनगणना और परिसीमन का बना रही बहाना : चिब
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। केंद्र सरकार के लोकसभा में लाए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को कठुआ जिला कांग्रेस कमेटी ने छलावा करार दिया है। मंगलवार को कांग्रेस ने डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महिला आरक्षण बिल को तुरंत लागू करने की मांग की।
इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हरी सिंह चिब ने कहा कि सरकार जनता के बड़े वर्ग को बरगलाने का प्रयास कर रही है। यदि वास्तव में सरकार महिलाओं को उनका जायज हक देना चाहती है तो उसे महिला आरक्षण बिल 2023 लागू करना चाहिए। चिब ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बंगाल और असम चुनावों में राजनीतिक लाभ लेने के लिए इस तरह के प्रयास कर रही है। साल 2023 में महिला आरक्षण बिल पास हो चुका है लेकिन उसे लागू करने के बजाय सरकार जनगणना और परिसीमन का बहाना बना रही है।
उन्होंने याद दिलाया कि महिला आरक्षण की पहल कांग्रेस सरकार के दौरान हुई थी। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल में पंचायतों और स्थानीय निकाय चुनावों में यह लागू भी किया गया। अब इसे लोकसभा और विधानसभा में लागू करना सरकार की जिम्मेदारी है। इस मौके पर पूर्व एमएलसी सुभाष गुप्ता और जिला प्रधान पंकज डोगरा ने कहा कि सरकार जनता को वास्तविक मुद्दों से भटका रही है और विपक्ष को महिला विरोधी बताकर अपनी छवि बचाने का प्रयास कर रही है। इस मौके पर नरेंद्र खजूरिया, भूपिंदर सिंह, जतिंदर सिंह, राबिन शर्मा, अमरनाथ ठाकुर और परमजीत सिंह मौजूद रहे।