घरों की खाली छत, बालकनी और खाली प्लाट में उगा सकेंगे ताजा सब्जियां
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। कृषि विभाग की अर्बन फार्मिंग योजना शहरवासी महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और रोजगार का नया रास्ता खोल रही है। योजना के साथ जुड़कर शहर की महिलाएं घरों की खाली छत, बालकनी और खाली प्लाट में ताजा सब्जियां लगा सकेंगी। इससे आमदनी का नया स्रोत भी बनेगा। विभाग ने इसके लिए शहर की महिलाओं को जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है।
विभाग के अनुसार कोरोना महामारी के दौरान शुरू होने वाली इस योजना में शुरूआत में काफी रुचि दिखाई थी। लॉकडाउन खुलने के साथ धीरे-धीरे लोगों का रुझान कम हो गया। इस योजना के तहत कोई फंड भी नहीं आए। ऐसे में इस दिशा में कोई बढ़त देखने को नही मिली है। पहले इस योजना के साथ जुड़े करीब 650 लाभार्थी इसका लाभ ले रहे हैं। हाल फिलहाल के वर्षों में जिले में मशरूम उत्पादन में महिला सहभागिता से प्रेरित होकर अब शहरी क्षेत्र की महिलाओं को भी इस योजना से जोड़ने की तैयारी कर रहा है।
दरअसल इस वर्ष विभाग की नर्सरी में उन्नत किस्म के विभिन्न सब्जियों की करीब 2.5 लाख पौध तैयार की गई थी। इसे विभाग के कठुआ कार्यालय में बनाए आउटलेट के माध्यम से लोगों को उचित मूल्य पर उपलब्ध करवाया गया। इस पौधाें को लेने में लोगों की रुचि का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सभी पौधे एक माह के भीतर ही बिक गए। शहरी क्षेत्र में लोगों के इस रुझान ने भी विभाग को प्रेरित किया है।
अब इस योजना में शहरी क्षेत्रों में सीमित जगह का उपयोग कर सब्जियां, फल और औषधीय पौधे उगाना है। विभाग इसके लिए वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराता है। योजना के लाभ के तहत छतों, बालकनी और खाली प्लॉट पर खेती के लिए 75 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है। इसमें लाभार्थी को ग्रो बैग्स, गमले, जैविक खाद और सिंचाई उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। कृषि विभाग समय-समय पर प्रशिक्षण शिविर और कार्यशालाएं आयोजित करता है।
कोट
इस योजना का सबसे अधिक लाभ महिलाएं उठा सकती हैं। घरेलू जिम्मेदारियों के साथ-साथ महिलाएं घर की छत या आंगन में सब्जियां और फल उगाकर परिवार को ताजा भोजन उपलब्ध करा सकती हैं। इससे न केवल घर का खर्च कम होगा बल्कि अतिरिक्त उत्पादन बेचकर आय भी अर्जित की जा सकती है। विभाग के आउटलेट पर सब्जियों को बेचने की सुविधा भी है।
-जतिंदर कुमार खजूरिया, जिला कृषि अधिकारी