संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिला शिक्षा विभाग में सेवाएं देने वाले मिड डे मील वर्कर और सीपीडब्ल्यू वर्कर ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का एलान कर दिया है। सोमवार को शहर के शहीद भगत सिंह पार्क में ऑल डेलीवेजर्स जम्मू-कश्मीर संघर्ष समिति के बैनर तले दर्जनों कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार से उनका हक दिए जाने की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे समिति के सन्नी कांत चिब ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों ने इस वर्ग की समस्याओं को प्राथमिकता से हल करने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद वे तरह-तरह के बहाने बनाकर इन्हें लूटने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मिड डे मील वर्करों और सीपीडब्ल्यू वर्करों को उनका हक दिलाने के लिए 6 अप्रैल से प्रदेशभर में हड़ताल शुरू हो चुकी है और आज से कठुआ में भी इसका आगाज किया जा रहा है।
चिब ने रोष जताते हुए कहा कि निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को सरकार न्यूनतम मजदूरी देती है, लेकिन सरकारी क्षेत्र में काम करने वाले इन वर्करों को यह लाभ भी नहीं दिया जाता। उन्हें तीस दिन की सेवा के बदले जो मानदेय दिया जाता है, वह एक मजाक से अधिक कुछ नहीं है।
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इसी तर्ज पर आशा वर्कर, माली, चौकीदार, जल शक्ति विभाग के कर्मचारी, वीडीजी और एसबीएम के तहत काम करने वाले कर्मचारी भी इस संघर्ष में शामिल किए जाएंगे। उनका आरोप है कि सरकार लगातार इस वर्ग के हक से खिलवाड़ कर रही है। इसके खिलाफ एक बड़ा आदोलन किया जाएगा।