कठुआ। शहर की ब्राह्मण सभा में भगवान परशुराम जयंती के उपलक्ष्य में चल रही श्रीमद्भागवत कथा अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
कथा के छठे दिन कथाव्यास कुलदीप शास्त्री ने भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण और रानी रुक्मिणी के विवाह का पावन प्रसंग सुनाया। उन्होंने विस्तार से बताया कि यह विवाह केवल एक धार्मिक घटना नहीं बल्कि भक्ति, समर्पण और प्रेम का अद्वितीय उदाहरण है। रुक्मिणी जी ने श्रीकृष्ण को अपने हृदय का स्वामी मानकर उन्हें वरण किया और श्रीकृष्ण ने भी धर्म और प्रेम की मर्यादा निभाते हुए उनका हाथ थामा।
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कुलदीप शास्त्री ने कहा कि यह प्रसंग भक्तों को यह संदेश देता है कि जीवन में सच्चा प्रेम और समर्पण ही ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग है। उन्होंने समझाया कि जैसे रुक्मिणी ने दृढ़ निश्चय और आस्था से श्रीकृष्ण को जीवनसाथी चुना, वैसे ही हर भक्त को जीवन में ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास और समर्पण रखना चाहिए।
कथा के दौरान जम्मू कश्मीर सरकार में मंत्री सतीश शर्मा और विधायक हीरानगर विजय शर्मा भी मौजूद रहे। उन्होंने श्री ब्राह्मण सभा कठुआ की सराहना की। इस दौरान दोनों नेताओं को सम्मानित किया गया।