ब्राह्मण सभा में आयोजित कथा में झूमते भक्त
- फोटो : samvad
शहर की ब्राह्मण सभा में भगवान परशुराम जयंती के उपलक्ष्य में श्रीमद् भागवत कथा जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर की ब्राह्मण सभा में भगवान परशुराम जयंती के उपलक्ष्य में श्रीमद् भागवत कथा जारी है। कथाव्यास कुलदीप शास्त्री के प्रवचन सुनने के लिए श्रद्धालु लगातार पहुंच रहे हैं। कथा के पांचवें दिन उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान भक्तों के साथ सहज, सरल और स्नेहपूर्ण रूप में रहते हैं।
कथाव्यास ने बताया कि श्रीकृष्ण ने बाल्यकाल में गोपियों और गवालबालों को चंचलता, मधुर मुस्कान और अद्भुत खेलों से मोहित किया। उन्होंने माखन चोरी की लीलाओं का वर्णन करते हुए समझाया कि यह केवल शरारत नहीं थी बल्कि भक्तों के हृदय से अहंकार रूपी माखन को निकालकर उसमें प्रेम और भक्ति का संचार करना था। कथाव्यास ने समझाया कि बाल लीलाओं का मर्म यह है कि ईश्वर का सच्चा स्वरूप केवल विराट और गंभीर नहीं बल्कि बालक की तरह निश्छल और प्रेममय भी है। जब भक्त इस निश्छलता को अपने जीवन में उतारते हैं तो उनके हृदय में भक्ति और आनंद का संचार होता है।