कठुआ की ईदगाह में टोपी के साथ सजकर पहुंचा बच्चासंवाद
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ईदगाह मैदान में हजारों ने अदा की सामूहिक नमाज
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। रमजान के मुकद्दस माह में तीस रोजों के बाद जिले में ईद-उल-फितर का पर्व आस्था और उत्साह से मनाया गया। शनिवार को शहर के ईदगाह मैदान में जमा हुए मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जंग के हालात पर शांति की दुआ और मानवता के लिए फरियाद की।
इस मौके पर राजनीतिक पार्टी के नेताओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पहुंचकर पूरे मुस्लिम समाज को ईद की मुबारकबाद दी। जामिया मस्जिद के इमाम मोहम्मद जकी ने सभी को नमाज अदा करवाई और अमन व भाईचारे का संदेश दिया। सुबह से ही लोगों में ईद का उत्साह दिखा और हर कोई घर से निकलकर ईदगाह पहुंचा। जकी ने सभी नामाजियों से अपील की है कि जिस तरह से उन्होंने पूरे रमजान के दौरान मस्जिदों में जाकर अल्लाह की इबादत कर खुशहाली की दुआ की। वे अपने इस अभ्यास को इसी तरह बनाए रखें।
ईद पर खुदा की बारगाह में दुआ मांगने आए नमाजियों ने कठुआ के ईदगाह स्थान पर हजारों की तादाद में फर्जादाने तौहीद की इबादत की। इस मौके पर हजारों हाथ एक साथ दुआ के लिए उठे। मुस्लिम भाइयों को ईद की मुबारकबाद देने के लिए विभिन्न समुदाय के लोगों ने समारोह में शिरकत की। इस त्योहार पर इत्र की खुशबू और नए वस्त्रों से लकदक छोटे बच्चों में ज्यादा उत्साह दिखा। पर्व के चलते शहर के बाजार में भी सुबह शहर के ईदगाह मैदान से ही रौनक देखने को मिली।
ईदगाह मैदान में होने वाली नमाज के दौरान विशेष रूप से उपस्थित पंकज डोगरा ने सभी को ईद शुभकामना देते हुए कहा कि हर धर्म अमन और भाईचारा बनाए रखने की बात कहता है। ऐसे में सभी को धर्म का पालन करना चाहिए।
सामाजिक कार्यकर्ता एडवोकेट सुशील गुप्ता ने कहा कि एक ओर शक्ति की आराधना का पर्व नवरात्र चल रहा है जो दूसरी ओर एक माह के रोजे के बाद ईद का मौका आया है। इसमें अमन और शांति की दुआ मांगी गई।