कठुआ। बसोहली उपमंडल के ग्राम सननघाट स्थित शिव मंदिर में श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन जारी है। कथा के 11वें दिन कथाव्यास राम दास अनुरागी ने बताया कि शिव पुराण (कोटिरुद्र संहिता) के अनुसार भगवान विष्णु को सुदर्शन चक्र भगवान शिव ने प्रदान किया था।
उन्होंने कहा कि दैत्यों के प्रकोप से देवताओं को बचाने के लिए विष्णु जी ने शिव की कठोर तपस्या की और एक हजार कमल के फूलों के स्थान पर एक आंख समर्पित कर दी। विष्णु जी की इस अटूट भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अजेय सुदर्शन चक्र प्रदान किया। कथाव्यास ने बताया कि जब राक्षसों का आतंक बढ़ रहा था और विष्णु जी उन्हें पराजित करने में असमर्थ महसूस कर रहे थे तब उन्होंने शिव का ध्यान किया। पूजा के लिए एक हजार कमल के फूल लाने का संकल्प लिया लेकिन एक कम पड़ने पर अपनी आंख चढ़ाने को तत्पर हो गए। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर शिव प्रकट हुए और उन्हें सुदर्शन चक्र दिया जिसे तीनों लोकों में सबसे शक्तिशाली अस्त्र माना गया।