सुबह 6:20 बजे शुरू होकर शाम 6:47 बजे समापन होने के बाद खुलेंगे मंदिर
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ/ बिलावर। चंद्र ग्रहण के प्रभाव को देखते हुए जिले के विभिन्न मंदिरों के कपाट बंद मंगलवार को रख जाएंगे। सुबह 6:20 बजे शुरू होकर ग्रहण का शाम 6:47 बजे समापन होने के बाद ही मंदिरों को खोला जाएगा।
शहर के रामलीला मैदान स्थित श्री हनुमान सुरसा माता मंदिर के सेवादार व पुजारी भाई अभितेष शर्मा ने बताया कि यह साल का पहला चंद्र ग्रहण है। यह एक खंडग्रास चंद्र ग्रहण होगा जो सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा। भारत में दिखाई देने वाले इस चंद्र ग्रहण का सूतक काल भी भारत में मान्य होगा जो सुबह 6:20 बजे से लागू हो जाएगा जबकि चंद्र ग्रहण दोपहर को 3:20 बजे शुरू होगा और शाम को 6:47 बजे होगा।
उन्होंने बताया कि ग्रहण काल को अशुभ माना जाता है और इस दौरान देवताओं की मूर्तियों को स्पर्श करना या पूजा करना वर्जित होता है। इसी कारण मंदिरों के गर्भगृह के कपाट ग्रहण शुरू होने से पहले सूतक काल में ही बंद कर दिए जाते हैं और ग्रहण समाप्त होने के बाद ही खोले जाते हैं। इस दौरान भक्त मंदिर परिसर में या घर पर बैठकर जप, ध्यान, हवन आदि कर सकते हैं।
शर्मा ने कहा कि कि ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों में शुद्धिकरण और विशेष पूजा-अर्चना की जाती है जिसके बाद कपाट दोबारा खोले जाते हैं। इसी तरह से बल और बुद्धि के देवता हनुमान जी के मंदिर में ग्रहण समाप्त होने के बाद उन्हें स्नान और नया शृंगार करवाया जाएगा और इसके बाद आरती की जाएगी। इसके अलावा रात को परिसर में होलिका दहन किया जाएगा। बिलावर में ग्रहण के चलते सुकराला माता मंदिर के कपाट बंद रहेंगे। मंदिर के पुजारी के अनुसार चंद्र ग्रहण के चलते मंगलवार सुबह 6:20 बजे मंदिर के कपाट बंद होंगे जो शाम 6:47 पर चंद्र ग्रहण के समाप्त होने के बाद खोल दिए जाएंगे।