बसोहली उपमंडल के गांव सननघाट के शिव मंदिर में शिव महापुराण कथा का आयोजन जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। बसोहली उपमंडल के गांव सननघाट के शिव मंदिर में शिव महापुराण कथा का आयोजन जारी है। कथा में बड़ी संख्या में उमड़ने वाले भक्त कथाव्यास राम दास अनुरागी की ओर से किए जाने वाले प्रवचनों का अमृतपान कर रहे हैं। 8वें दिन की कथा के दौरान कथाव्यास ने पवनपुत्र हनुमान के जन्म का वृतांत का प्रसंग सुनाया।
उन्होंने बताया कि माता अंजना एक अप्सरा थीं जिन्हें ऋषि के श्राप के कारण पृथ्वी पर वानर योनि में जन्म लेना पड़ा। श्राप के अनुसार उन्हें एक दिव्य पुत्र को जन्म देने के बाद ही उन्हें मुक्ति मिलनी थी। वानर राज केसरी के साथ विवाह के बाद अंजना ने शिव की घोर तपस्या की। भगवान शिव ने प्रसन्न होकर स्वयं को उनके पुत्र के रूप में जन्म लेने का आशीर्वाद दिया। शिव जी का अंश पवन देव से अंजना के कान में पहुंचा जिससे हनुमान जी का जन्म हुआ।
जन्म के समय से ही उनमें अद्भुत शक्तियां थीं। बचपन में उन्होंने सूर्य को लाल फल समझकर पकड़ने के लिए आकाश में छलांग लगाई थी। जब वे सूर्य को निगलने जा रहे थे तब इंद्र ने उन पर वज्र से प्रहार किया जिससे वे मूर्छित होकर गिरे। क्रोधित होकर पवन देव ने पृथ्वी पर वायु रोक दी। देवताओं ने तब बालक को वरदान दिए और हनुमान नाम दिया। हनुमान जी को संजीवनी का वाहक, बल-बुद्धि का स्वामी और राम भक्त के रूप में जाना जाता है।