देवल गांव मे जारी श्रीमद् भागवत के दौरान सामूहिक आरती में शामिल भक्त। स्रोत जागरूक पाठक
देवल गांव में जारी श्रीमद् भागवत कथा चौथे दिन में प्रवेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलावर। देवल गांव में जारी श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन कथावाचक पीयूष महाराज ने श्री कृष्ण के जन्म और बाल लीलाओं का वर्णन किया। कथावाचक ने श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए पंडाल में पहुंचे श्रद्धालुओं को कथा सुनाई।
कथावाचक ने कहा कि मनुष्य का जीवन विषय वस्तु को भोगने के लिए नहीं बना है लेकिन आज का मानव भगवान की भक्ति को छोड़कर विषय वस्तुओं को भोगने मेंं भी लगा हुआ है। जीवन मेंं सदैव दूसरों के भलाई के काम करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मानव शरीर 84 लाख योनियां भोगने के बाद मिलता है इसलिए मनुष्य जीवन मेंं मानव कल्याण के कार्य करने चाहिए। जीवन मेंं सदैव दूसरों के हित का कार्य करें। पंडाल मेंं मौजूद श्रद्धालु ने हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल का जयघोष किया। इस मौके पर भगवान श्री कृष्ण की झांकी भी निकाली गई जिसमेंं बाल कृष्ण को लोगों ने मिश्री और माखन का भोग लगाया। शाम 4 बजे कथा का समापन ओम जय जगदीश हरे की आरती के साथ किया गया।