शहर के शहीदी चौक में फुटपाथ और मुख्य सड़क पर लगी रेहड़ी। संवाद
टीम ने शहीदी चौक से मुखर्जी चौक और हटली मोड़ तक चलाया था अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। नगर परिषद के अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद रेहड़ी-फड़ी लगाने वाले दुकानदारों के बीच लुकाछिपी का खेल शुरू हो गया है। शहीदी चौक से मुखर्जी चौक और हटली मोड़ तक चलाए गए अभियान में हटाए गए दुकानदार अब परिषद की कार्रवाई से बचने के लिए नई रणनीतियों का सहारा ले रहे हैं।
इसमें कुछ दुकानदारों ने तो अपने तय स्थानों के आसपास की गलियों में दुकानें लगाना शुरू कर दिया है जबकि कई दुकानदार सुबह 11 बजे तक और शाम 4 बजे के बाद ही सड़कों पर आते हैं। उनका मानना है कि इस दौरान परिषद का अमला सफाई कार्यों में व्यस्त रहता है या कार्यालय बंद होने के कारण कार्रवाई की संभावना कम होती है। रेहड़ी-फड़ी लगाने वाले दुकानदारों का कहना है कि उनका कारोबार रोज कुआं खोदने और रोज पानी पीने जैसा है। एक दिन की कार्रवाई से उन्हें हटाया तो जा सकता है लेकिन जीविका की मजबूरी उन्हें फिर से दुकान लगाने पर विवश करती है। उनका तर्क है कि छोटे शहरों में ग्राहक अपनी तय दुकानों से ही सामान खरीदने की आदत रखते हैं। ऐसे में यदि दुकान का स्थान निश्चित न हो तो ग्राहक तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
वहीं, शहर के आम लोग अतिक्रमण विरोधी अभियान का समर्थन करते हैं, लेकिन उनका मानना है कि पूरे शहर से रेहड़ी-फड़ियों को हटाना उचित नहीं है। इससे न केवल दुकानदारों की जीविका प्रभावित होगी बल्कि छोटी-छोटी खरीददारी के लिए आम जनता को भी असुविधा का सामना करना पड़ेगा।
बहरहाल, दो दिन चले अभियान के बावजूद शहर पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त नहीं हो पाया है। परिषद ऐसे में अब नगर परिषद को रेहड़ी-फड़ियां लगाने वालों का कोई संतुलित समाधान निकाले जाने से ही शहर की व्यवस्था और छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी भी सुरक्षित रह सकती है।