कठुआ। शिरोमणी संत कबीर जी के निरवाण दिवस पर शहर के वार्ड 17 स्थित संत कबीर भवन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सुबह से होने वाले सत्संग में गुरु की महिमा का बखान किया गया।
इस दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने संत कबीर जी के भजनों और दोहों का रसपान किया और उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प दोहराया। वक्ताओं ने कहा कि यह कार्यक्रम न केवल संत कबीर जी की शिक्षाओं को याद करने का अवसर बना बल्कि समाज में भाईचारे, समानता और सत्य के संदेश को पुनः जीवित करने का भी माध्यम साबित हुआ। दोपहर 2 बजे तक चले सत्संग के उपरांत गुरु का लंगर वितरित किया गया।
सभा के चेयरमैन टीआर भगत ने कहा कि संत कबीर उस दौर में हुए जब समाज में पाखंडवाद और जातिवाद का बोलबाला था। उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से इन कुरीतियों का विरोध किया और भाईचारे का संदेश दिया। कबीर सभा कठुआ के अध्यक्ष प्रेम किशन ने कहा कि संत कबीर जी ने समाज को समानता और सत्य का मार्ग दिखाया। उनकी शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी उस समय थीं।