कठुआ। महताबपुर स्थित गोशाला में 21 कुंडीय श्री विष्णु महायज्ञ जारी है। चौथे दिन सुबह पहले नवग्रह पूजन हुआ। इसके बाद विधिविधान से पार्थिव शिवलिंग का रुद्राभिषेक किया गया और इसके उपरांत यज्ञ का विधिविधान से शुभारंभ हुआ। इसमें यजमानों ने हवन में आहुतियां डालकर विश्व कल्याण की कामना की। इस दौरान काफी संख्या में भक्तों ने यज्ञशाला की परिक्रमा कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
दोपहर बाद कथा के दौरान कथाव्यास मनोहर लाल शास्त्री ने मान्धाता के जन्म का वृतांत सुनाते हुए बताया कि मान्धाता का जन्म केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं है, बल्कि यह धर्म, आस्था और जीवन मूल्यों की गहराई को समझने का माध्यम है।
शास्त्री ने इस प्रसंग के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि कथा सुनना और समझना आत्मिक उन्नति का मार्ग है। मान्धाता के जन्म की कथा में त्याग, पराक्रम और धर्मपालन की प्रेरणा छिपी हुई है, जिसे अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन को सार्थक बना सकता है।