कठुआ। किया गया। मदरसे के प्रधानाचार्य मौलवी मोहम्मद दीन की अध्यक्षता में आयोजित इस धार्मिक सम्मेलन में मदरसे की 10 छात्राओं की हिफ्ज-ए-कुरान पूरा करने पर दस्तारबंदी की गई। शनिवार को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में सैय्यद अमीरूल कादरी मुम्बई, सैय्यद वारिस हुसैन शाह राजोरी, मौलाना मजीद हुसैन बरेली, पीर शकील बारिद हुसैन राजोरी, पीर मुफ्ती शकील सकल्फी जम्मू सहित कठुआ के आसपास की मस्जिदों के मौलवियों ने शिरकत की।
कार्यक्रम में मौजूद सैकड़ो लोगों को पवित्र कुरान की महत्ता पर प्रकाश डाला। बताया कि यह अल्लाह की सबसे बड़ी नेमत है, जो समाज में शांति, सद्भाव और न्याय का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने लोगों से कुरान की शिक्षाओं का पालन करने और सामाजिक बुराइयों से बचने पर जोर दिया।
आयोजकों ने कार्यक्रम के बारे में बताया कि यह मदरसे का वार्षिक कार्यक्रम है, जिसमें कुरान की रोशनी में समाज को अमन और भाईचारे का पैगाम दिया जाएगा। कार्यक्रम का मुख्य संदेश यही है कि हिंदुस्तान में रहते हुए सभी लोग चाहे हिंदू हों, मुसलमान हों, सिख हों या ईसाई आपस में हाथ मिलाकर, प्यार और मोहब्बत के साथ रहें। यही कुरान का पैगाम है और यही हमारी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि हर धर्म और समुदाय को अपने-अपने संस्कार और संस्कृति को आगे बढ़ाने का अधिकार है और इसी विविधता में हमारी ताकत है।