कठुआ। जर्नी टुवर्ड्स बेटर मेंटल हेल्थ विषय पर जम्मू विश्वविद्यालय के कठुआ कैंपस में विशेषज्ञ सत्र आयोजित किया गया। इसके माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और भावनात्मक संतुलन के महत्व को रेखांकित किया गया।
वीरवार को आयोजित कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर व आर्ट ऑफ लिविंग से जुड़ी डॉ. संतोष कुमारी ने संसाधन व्यक्ति के रूप में भाग लिया। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को समझने, तनाव प्रबंधन, भावनात्मक दृढ़ता विकसित करने और आत्म-देखभाल की आवश्यकता पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है और इसके लिए निरंतर देखभाल, जागरूकता और सहयोग आवश्यक है। उन्होंने प्रतिभागियों को रोजमर्रा की चुनौतियों से निपटने, मानसिक अस्वस्थता के शुरुआती संकेत पहचानने और सकारात्मक सोच विकसित करने के व्यावहारिक उपाय बताए।
इसी विषय पर एक अन्य सत्र आर्ट ऑफ लिविंग के राज्य समन्वयक भगवती प्रसाद ने लिया। उन्होंने सुदर्शन क्रिया (श्वास तकनीक) के लाभों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्तर पर आंतरिक कल्याण और आत्मशांति बनाए रखने में सहायक है।
कठुआ कैंपस के रेक्टर प्रो. अरविंद जसरोटिया ने अपने संदेश में संकाय के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य सामूहिक जिम्मेदारी है और छोटे-छोटे निरंतर कदम समग्र कल्याण में सार्थक सुधार ला सकते हैं। यूआईईटी के प्रधानाचार्य डॉ. रॉकी गुप्ता ने विद्यार्थियों के लिए सहयोगी और तनाव-मुक्त शैक्षणिक वातावरण बनाने पर बल दिया, ताकि वे सहजता से अपनी चिंताओं को साझा कर सकें।
कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ. सौरभ शास्त्री ने अतिथियों का स्वागत किया और समन्वय का कार्य डॉ. विवुध गुप्ता ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. निशा चौधरी ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर कैंपस के सभी विभागों के संकाय सदस्य उपस्थित रहे।