कठुआ। जिले में होलिस्टिक एग्रीकल्चर डेवलपमेंट प्रोग्राम (एचएडीपी) तहत कृषि व इससे जुड़े क्षेत्रों में होने वाले विकास को लेकर डीसी कार्यालय परिसर में समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त (एडीडीसी) सुरिंदर मोहन शर्मा ने इस दौरान विभागवार और घटकवार प्रदर्शन का आकलन किया। इसमें लाभार्थी कवरेज, भौतिक उपलब्धियां और किसान साथी पोर्टल के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया गया।
बैठक में कृषि अधिकारियों ने बताया कि कठुआ जिला ने दक्ष किसान पहल के तहत उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है और जम्मू-कश्मीर स्तर पर तीसरा स्थान हासिल किया है। किसान पंजीकरण, कौशल विकास, पाठ्यक्रम नामांकन और पूर्णता में जिले ने सराहनीय उपलब्धियां दर्ज की हैं।
बैठक में एचएडीपी के प्रमुख घटकों जैसे बीज और बीज गुणन शृंखला, विशिष्ट फसलों का प्रोत्साहन, सब्जियां और विदेशी सब्जियां, कृषि विपणन, मधुमक्खी पालन, रेशम उद्योग, मिलेट्स और पोषण अनाज, कृषि मशीनीकरण और स्वचालन तथा सालभर मशरूम उत्पादन में हुई प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा डेयरी, पोल्ट्री, मत्स्य पालन, भेड़ एवं पशुपालन, फूलों की खेती, तिलहन, एकीकृत कृषि प्रणाली, वर्षा आधारित क्षेत्र विकास, वैकल्पिक कृषि प्रणाली, मृदा एवं भूमि संसाधन प्रबंधन तथा चारा विकास जैसे सहयोगी क्षेत्रों में भी प्रगति का आकलन किया गया।
एडीडीसी सुरिंदर मोहन शर्मा ने सभी संबंधित विभागों को एचएडीपी के घटकों की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी पात्र किसानों और क्षेत्रों को कवर किया जाए। उन्होंने फील्ड मोबिलाइजेशन को तेज करने, विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाने, मामलों की समयबद्ध प्रक्रिया और परिणाम आधारित निगरानी पर जोर दिया, ताकि कार्यक्रम का अधिकतम प्रभाव किसानों की आय पर पड़े।
बैठक में मुख्य योजना अधिकारी रंजीत ठाकुर, मुख्य कृषि अधिकारी, मुख्य बागवानी अधिकारी, मुख्य पशुपालन अधिकारी, जिला रेशम अधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य पालन, उप पंजीयक सहकारी समितियां, जिला बागवानी, कृषि एवं विपणन अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।