पंथ रतन अकाली कौर सिंह जी निहंग की 73वीं बरसी पर समागम का आयोजन
कठुआ। पंथ रतन अकाली कौर सिंह जी निहंग की 73वीं बरसी पर गुरुद्वारा चरण कमल साहिब बख्ता में समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी कठुआ के रागी भाई बलजीत सिंह और जम्मू से आए भाई बहादुर सिंह गुरबाणी का पाठ कर संगत को निहाल किया।
इस मौके पर प्रचारक जमीत सिंह ने अकाली कौर सिंह जी निहंग की जीवनी से परिचित करवाया। उन्होंने कहा कि विश्व में भारत को संतों, महापुरुषों की धरती होने का गर्व हासिल है। यहां पर समय समय पर गुरुओं, पैगंबरों और संतों ने जन्म लेकर पाप की आंधी में सच्चाई का दीया जलाकर रखा। इन्हीं पवित्र आत्माओं में अकाली कौर सिंह जी निहंग थे। जो महान समाज सुधारक और गृहस्थ जीवन में रहने वाले राज योगी थे।
उन्होंने 1947 में रिफूजियों की बहुत सेवा की जिस कारण उनकी तबीयत खराब हो गई। इसके बाद उन्हें पटियाला के अस्पताल में भर्ती करवाया गया। यहां 23 जनवरी 1953 को रात 8:10 बजे में वाहेगुरु वाहेगुरु का जाप करते शरीर त्याग दिया। जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान चरणजीत सिंह भोला ने बताया कि अकाली जी ने अपने जीवन में कई ऐतिहासिक पुस्तकें लिखीं, गुरु नानक आश्रम का निर्माण किया और विभाजन के दौरान मानव जाति की मदद की। इसके लिए उन्हें सदा याद किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में गुरु के अखूट लंगर की परंपरा का निर्वहन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में संगत ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर गुरुद्वारा कमेटी ने जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह, महासचिव प्रवीण सिंह, कोषाध्याक्ष दलजीत सिंह, भूपिंदर सिंह, हरभजन सिंह, कश्मीर सिंह व हरमीत सिंह आदि मौजूद रहे।