सेवाकाल पूरा करने के बाद मिलने वाली राशि न जारी होने पर रोष जताते सेवानिवृत्त कर्मचारी। संवाद
कठुआ। जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों ने बकाया वेतन नहीं मिलने पर सोमवार को रोष जताया। उन्होंने जीपीएफ, ग्रेच्युटी, कैश इन लियू, कम्यूटेशन और अन्य सेवा संबंधी देनदारियों के भुगतान न होने पर गहरी चिंता व्यक्त की। इस मसले को लेकर सोमवार को बैठक का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता अमरनाथ ठाकुर, पूर्व अध्यक्ष प्लस टू लेक्चरर्स फोरम एवं चेयरमैन पब्लिक वेलफेयर फोरम ने की। उन्होंने कर्मचारियों के देय का निपटारा न होने पर प्रदर्शन किया।
बैठक के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि उन्होंने जीपीएफ राशि बच्चों की शादी, गंभीर बीमारियों के इलाज, मकान मरम्मत और बैंक ऋण चुकाने जैसी आपात जरूरतों के लिए बचाई थी लेकिन सरकार की ओर से देनदारियों का भुगतान न करना दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य है। कई सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने अधिकारिक लाभ प्राप्त करने से पहले ही निधन हो चुके हैं जबकि कुछ गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं और कुछ को बच्चों की शादी के लिए धन की आवश्यकता है।
उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से अपील की है कि सभी लंबित देनदारियों का तत्काल भुगतान किया जाए। कर्मचारियों ने याद दिलाया कि केंद्र सरकार ने पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था फिर भी सेवानिवृत्त कर्मचारियों की देनदारियां अब तक साफ नहीं हुईं।
अमरनाथ ठाकुर ने कहा कि नवंबर 2024 से अब तक 4500 करोड़ रुपये की कानूनी और मेहनत की कमाई रोकी है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों की देनदारियां सरकार की ओर से रोकी गई हों। मार्च 2025 के बजट में मुख्यमंत्री ने विधानसभा में बताया था कि 3500 करोड़ रुपये की देनदारियां लंबित हैं जो अब बढ़कर 4500 करोड़ हो गई हैं।
उन्होंने कहा कि जब विधायकों का वेतन तीन लाख रुपये मासिक तक बढ़ाया जा सकता है तो सेवानिवृत्त कर्मचारियों की कानूनी देनदारियां क्यों नहीं चुकाई जा रहीं। उन्होंने सभी पेंशनरों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों से आह्वान किया कि यदि सरकार ने जल्द ही सभी लंबित देनदारियां साफ नहीं कीं तो वे सड़कों पर उतरने के लिए तैयार रहें। बैठक में योगराज सिंह, परवीन सिंह, बाबू राम, भारत भूषण, तारा मणि, तारा चंद, अंग्रेज सिंह, बलबीर सिंह, अश्वनी कुमार सहित कई अन्य सेवानिवृत्त कर्मचारी शामिल हुए।