संकट चतुथी के लिए गन्ना और मूली खरीदती महिला। संवाद
बिलावर। परिवार की सुख-समृद्धि और बच्चों की दीर्घायु के लिए मंगलवार को महिलाओं ने संकट हरण गणेश चतुर्थी (बुग्गा) का व्रत श्रद्धा और आस्था के साथ रखा। पंडित राधा कृष्ण शास्त्री ने बताया कि हिंदू मान्यता के अनुसार महिलाएं पुत्र प्राप्ति के लिए गणेश चतुर्थी का व्रत रखती हैं।
मंगलवार सुबह महिलाओं ने भगवान गणेश के मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना की। दिनभर महिलाएं अर्घ्य देने की तैयारी में जुटी रही। महिलाओं ने तिल, गुड़, गन्ना और मूली की खरीदारी की। दिनभर निराहार व्रत रहकर और बिना कुछ खाए रात के समय चंद्र उदय पर भगवान चंद्र देव को अर्घ्य देकर व्रत की सफलता की कामना की। इसके बाद गन्ने और मूली की पूजा करके माता ने बच्चों के हाथों में बुग्गे सहित तिल, गुड़, गन्ना मूली का दान करवाया। महिलाओं ने दान किया और अपने बच्चों की अधिक आयु और बेहतर स्वास्थ्य के लिए कामना की। महिला मनीषा देवी, शशि बाला, लक्ष्मी देवी और मीनू शर्मा का कहना है कि सर्दियों में संकट चौथ व्रत की प्रथा पिछले कई वर्षों से चली आ रही है। इसे उत्तर भारत के राज्यों में माताएं बच्चों की दीर्घायु के लिए रखती हैं।